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भोपाल समेत पूरे MP में कार्रवाई, कई नेता 5 साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

11 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल समेत पूरे MP में कार्रवाई, कई नेता 5 साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ चुके हजारों नेताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में खर्च का सही हिसाब पेश नहीं करने वाले करीब 3500 अभ्यर्थियों को आगामी 2027 निकाय चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग की यह कार्रवाई लंबी सुनवाई प्रक्रिया के बाद की गई। जिन उम्मीदवारों ने चुनाव खर्च का पूरा और संतोषजनक ब्यौरा नहीं दिया, उन्हें अब 2 से 5 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक का सामना करना पड़ेगा।


चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देने पर कार्रवाई

निर्वाचन नियमों के मुताबिक, हर प्रत्याशी को चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का पूरा हिसाब जमा करना अनिवार्य होता है। लेकिन आयोग की जांच में सामने आया कि हजारों उम्मीदवार या तो खर्च का विवरण जमा ही नहीं कर पाए या फिर अधूरी जानकारी दी। इसके बाद आयोग ने उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य पेश न होने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। अब इनमें से कई नेता 2027 के स्थानीय निकाय चुनाव में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।


NIC के जरिए हुई ऑनलाइन सुनवाई

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने सुनवाई प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की। उम्मीदवारों को भोपाल आने की जरूरत न पड़े, इसके लिए जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) के जरिए ऑनलाइन सुनवाई कराई गई। हर गुरुवार को करीब डेढ़ घंटे सुनवाई के लिए तय किए गए थे। आयोग के अनुसार, अब तक करीब 3500 मामलों का निराकरण किया जा चुका है।


भोपाल के 82 अभ्यर्थियों पर गिरी गाज

राजधानी भोपाल में भी बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां पहले 100 डिफॉल्टर अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई थी। इनमें से सिर्फ 12 उम्मीदवार ही आयोग को संतोषजनक जानकारी दे सके। बाकी 82 अभ्यर्थियों को 2 से 5 साल तक के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया। बैरसिया के भी 3 उम्मीदवार इस कार्रवाई की जद में आए हैं।


कई चर्चित नाम भी सूची में शामिल

भोपाल के अलग-अलग वार्डों से कई चर्चित नामों पर भी कार्रवाई हुई है। वार्ड-1 से इमाम खां एडवोकेट और बेनी प्रसाद मीना, वार्ड-2 से शैलेंद्र सोनू तोमर, वार्ड-12 से समीर खान और वसीम खान, जबकि वार्ड-19 से ओसाफ अली, आदिल खान और महेंद्र सिंह को अयोग्य घोषित किया गया है। इसके अलावा बसंती बाई, हरीश कुशवाह, इमाम हुसैन, नंदा परिहार और अंजली यूनानी जैसे नाम भी सूची में शामिल हैं।


आयोग बोला- पारदर्शिता से समझौता नहीं

राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और धनबल के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। आयोग का मानना है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भविष्य में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी खर्च का ब्यौरा देने को लेकर ज्यादा गंभीर रहेंगे। अब इस फैसले का असर आने वाले उपचुनावों और 2027 के नगरीय निकाय चुनाव की राजनीतिक रणनीतियों पर भी साफ दिखाई दे सकता है।

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