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बिजली बिल के नए नियम लागू, जानिए किस समय बिजली चलाने पर मिलेगी 20% तक की छूट

29 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बिजली बिल के नए नियम लागू, जानिए किस समय बिजली चलाने पर मिलेगी 20% तक की छूट
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ द डे (TOD) व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब घरेलू और स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को रात के समय बिजली उपयोग पर मिलने वाली 20 फीसदी छूट समाप्त कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली उपयोग करने पर ही 20 फीसदी तक की छूट मिलेगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली की सामान्य दरें ही लागू रहेंगी।


घरेलू और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?

नए नियम के अनुसार—

- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक: कोई छूट नहीं, सामान्य बिजली दरें लागू।

- सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक: बिजली उपयोग पर 20% तक की छूट।


यह व्यवस्था घरेलू और स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगी।


स्ट्रीट लाइट उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम

स्ट्रीट लाइट श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अलग समय-आधारित दरें तय की गई हैं।

- सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक: 10% सरचार्ज लगेगा।

- सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक: 20% की छूट मिलेगी।


नियामक आयोग ने सुनवाई के बाद लिया फैसला

मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव और उपभोक्ताओं की सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया। आयोग के सचिव उमाकांत पांडा के अनुसार सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए नए नियम तय किए गए हैं और उनका पालन किया जाएगा।


अब भारी बिजली बिल पर लगेगा 'रेड अलर्ट'

नए प्रावधान के तहत बिजली कंपनियां बिना जांच के उपभोक्ताओं को असामान्य रूप से अधिक बिल जारी नहीं कर सकेंगी। बिलिंग सॉफ्टवेयर उपभोक्ता के पिछले 6 महीनों के औसत बिल की निगरानी करेगा। यदि नया बिल औसत से 5 गुना या उससे अधिक होता है तो सिस्टम उसे स्वतः रोक देगा और उस पर 'सिस्टम फ्लैग' (रेड अलर्ट) लगा दिया जाएगा।


30 दिन के भीतर करनी होगी जांच

रेड अलर्ट जारी होने के बाद संबंधित बिजली कंपनी के अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर बिल की जांच और उसका निराकरण करना होगा। जरूरत पड़ने पर अधिकारी मौके पर जाकर मीटर की जांच करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिल सही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अचानक आने वाले भारी-भरकम बिजली बिलों से राहत देना है।

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