सोमवार, 17 अगस्त 2026
Logo
Madhaya Pradesh

मध्य प्रदेश में इंजीनियरिंग एडमिशन घटा, बीबीए में बढ़ी छात्रों की दिलचस्पी; एमबीए की आधी से ज्यादा सीटें खाली

17 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में इंजीनियरिंग एडमिशन घटा, बीबीए में बढ़ी छात्रों की दिलचस्पी; एमबीए की आधी से ज्यादा सीटें खाली
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में 2026-27 के तकनीकी शिक्षा प्रवेश आंकड़ों में इंजीनियरिंग, डिप्लोमा और एमबीए जैसे पाठ्यक्रमों में छात्रों की भागीदारी कमजोर हुई है। इंजीनियरिंग में सीटें बढ़ने के बावजूद एडमिशन प्रतिशत 61.42% रह गया। दूसरी तरफ बीबीए में 65.54% सीटें भरना छात्रों की बदलती पसंद का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक अब विद्यार्थी डिग्री के साथ रोजगार, पैकेज, इंडस्ट्री कनेक्शन और प्लेसमेंट को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।


इंजीनियरिंग की 76,862 सीटों में 61.42% पर प्रवेश

तकनीकी शिक्षा विभाग (DTE) के 2026-27 एडमिशन डेटा के मुताबिक बीई/बीटेक की सीटों में 2,140 का इजाफा हुआ है। कुल सीटें बढ़कर 76,862 हो गईं। इसके बावजूद प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या केवल 97 बढ़ी। इसका असर एडमिशन प्रतिशत पर पड़ा और यह पिछले साल के 63.05% से घटकर इस साल 61.42% रह गया।


बीबीए ने इंजीनियरिंग को पीछे छोड़ा

बिजनेस मैनेजमेंट से जुड़े बीबीए पाठ्यक्रम में इस साल 65.54% सीटों पर प्रवेश हुआ। यानी इस श्रेणी में सीट भरने का अनुपात बीई/बीटेक से अधिक रहा। आंकड़ों से छात्रों की प्राथमिकताओं में बदलाव दिखाई देता है। रोजगार और करियर के ज्यादा विकल्प वाले पाठ्यक्रमों को लेकर विद्यार्थियों की रुचि बढ़ रही है।


डिप्लोमा में सीटें बढ़ीं, प्रवेश घट गया

डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भी पिछले साल के मुकाबले तस्वीर कमजोर हुई है।

- 2025-26: 35,205 सीटों में 24,714 प्रवेश

- एडमिशन प्रतिशत: 70.20%

- 2026-27: 35,493 सीटें

- प्रवेश: 23,315

- नया एडमिशन प्रतिशत: 65.69%


यानी सीटों की संख्या 288 बढ़ी, लेकिन दाखिले 1,399 कम हो गए। परिणामस्वरूप प्रवेश प्रतिशत में भी गिरावट दर्ज हुई।


MBA की आधे से ज्यादा सीटें खाली

एमबीए में गिरावट और ज्यादा स्पष्ट रही। इस साल कुल 54,484 सीटों में केवल 25,642 छात्रों ने प्रवेश लिया। इससे एडमिशन प्रतिशत 47.06% रहा। पिछले वर्ष एमबीए की 57,904 सीटों में 37,082 प्रवेश हुए थे और सीट भरने का प्रतिशत 64.04% था। एक साल में प्रवेश प्रतिशत में करीब 17 प्रतिशत की कमी आई।


विशेषज्ञ बोले- सीटें बढ़ाना ही काफी नहीं

ट्रिपल आइटी के डायरेक्टर प्रो. आशुतोष कुमार सिंह के मुताबिक तकनीकी शिक्षा में सिर्फ सीटों की संख्या बढ़ाने से छात्रों को आकर्षित नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए रोजगार, पैकेज, इंडस्ट्री कनेक्शन और प्लेसमेंट अब अहम मानक हैं। संस्थानों को पाठ्यक्रमों की उपयोगिता बढ़ाने के साथ उद्योगों से बेहतर जुड़ाव और मजबूत प्लेसमेंट का भरोसा देना होगा। प्रो. सिंह के अनुसार छात्रों का विश्वास हासिल करना संस्थानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें