
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार तेज होने वाली है। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 8 प्रमुख शहरों में EV चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना शुरू कर दी है—जिससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी।
भोपाल-इंदौर समेत 8 शहरों में नेटवर्क तैयार
इस योजना के तहत Bhopal, Indore, Gwalior, Jabalpur, Ujjain, Sagar, Dewas और Satna को शामिल किया गया है। इन शहरों में चरणबद्ध तरीके से चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
केंद्र देगा फंड, नगर निगम तय करेंगे जगह
योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन के लिए वित्तीय सहायता केंद्र सरकार देगी। वहीं स्थानीय नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपयुक्त स्थान चिन्हित करें, ताकि लोगों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके।
भीड़भाड़ वाले इलाकों पर खास फोकस
चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा हो। जैसे—बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और प्रमुख सड़कों के आसपास। इससे EV उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।
ई-बस के लिए भी 63 करोड़ की मंजूरी
Ministry of Housing and Urban Affairs ने इन शहरों में ई-बस संचालन के लिए ₹63.22 करोड़ मंजूर किए हैं, जिसमें से ₹57.13 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। यह कदम शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
क्यों जरूरी है EV इंफ्रास्ट्रक्चर?
इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग की सुविधा होती है। अगर चार्जिंग स्टेशन आसानी से उपलब्ध होंगे, तो लोग तेजी से EV अपनाएंगे और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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