
भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की आय और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने आर्थिक सहायता, बिजली और सिंचाई से जुड़े कई प्रावधान किए हैं। पात्र किसानों को केंद्र और राज्य की योजनाओं से सालाना ₹12,000 की मदद मिल रही है।
कृषि सिंचाई के लिए किसानों को रात के बजाय दिन में पर्याप्त बिजली देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही ₹5 में स्थायी बिजली कनेक्शन और 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को हर साल मिल रहे ₹12 हजार
केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं के जरिए पात्र किसानों को सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस सहायता में ₹6,000 पीएम किसान सम्मान निधि और ₹6,000 मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत मिलते हैं। दोनों योजनाओं को मिलाकर सालाना राशि ₹12,000 होती है।
सिंचाई के लिए दिन में बिजली की व्यवस्था
कृषि कार्यों में बिजली की उपलब्धता को बेहतर करने के लिए किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार, किसानों को रात के बजाय दिन में निर्बाध और पर्याप्त बिजली देने पर जोर है, ताकि सिंचाई का काम सुविधाजनक तरीके से किया जा सके।
सिर्फ ₹5 में स्थायी बिजली कनेक्शन
किसानों के लिए बिजली कनेक्शन को कम खर्च में उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। कृषि उपयोग के लिए मात्र ₹5 में स्थायी बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जा रही है। इससे किसानों पर नया कनेक्शन लेने का वित्तीय बोझ कम करने का प्रयास किया गया है।
2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का लक्ष्य
मध्य प्रदेश सरकार ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाना और अधिक से अधिक कृषि भूमि तक पानी की सुविधा पहुंचाना है।
किसानों के लिए प्रमुख प्रावधान
₹12,000 सालाना वित्तीय सहायता
₹6,000 पीएम किसान सम्मान निधि
₹6,000 मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना
सिंचाई के लिए दिन में पर्याप्त बिजली
₹5 में स्थायी बिजली कनेक्शन
2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य
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