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MP Farmers Scheme: 100 लाख टन गेहूं खरीदी का बड़ा फैसला, किसानों के लिए बोनस-बिजली समेत कई घोषणाओं पर मंथन

25 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Farmers Scheme: 100 लाख टन गेहूं खरीदी का बड़ा फैसला, किसानों के लिए बोनस-बिजली समेत कई घोषणाओं पर मंथन
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। MP Farmers Scheme को लेकर भोपाल में बड़ा फैसला होने की तैयारी है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक में किसानों के लिए नई सौगातों और योजनाओं पर गहन मंथन शुरू किया है।


किसान कल्याण वर्ष पर हाई लेवल बैठक

राजधानी भोपाल स्थित Atal Bihari Vajpayee Institute of Good Governance and Policy Analysis में यह अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, राजस्व, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसमें किसानों के हित में नई योजनाओं और फैसलों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।


कलेक्टरों के साथ होगी सीधी समीक्षा

रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के बाद मुख्यमंत्री सभी कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि आज लिए गए फैसलों को तेजी से जमीन पर उतारा जाए, ताकि किसानों को जल्द फायदा मिल सके।


गेहूं खरीदी लक्ष्य में बड़ी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यानी 22 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी, जिसे किसानों की मेहनत का सम्मान और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


स्लॉट बुकिंग और खरीदी में राहत

सरकार ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई फैसले किए हैं:

- स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई

- अब खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी, शनिवार को भी काम जारी रहेगा

- समर्थन मूल्य पर खरीदी लगातार जारी रखने के निर्देश


किसानों के लिए नई सौगातें

- सरकार ने किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं:

- भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा

- उड़द की खरीदी पर MSP के साथ ₹600 प्रति क्विंटल बोनस

- मात्र ₹5 में कृषि पंप कनेक्शन

- सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने की योजना


डेयरी सेक्टर में भी बड़ा फोकस

प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में भी काम तेज किया गया है।

- 1752 नई दुग्ध समितियां बनाई गईं

- रोजाना 10 लाख किलो से ज्यादा दूध संग्रह

- किसानों को 1600 करोड़ रुपए से अधिक भुगतान


इसके साथ ही दूध के दाम में ₹8-10 प्रति किलो बढ़ोतरी से किसानों को अतिरिक्त फायदा मिल रहा है।


खाद उपलब्धता पर भी राहत

सरकार के अनुसार, इस साल 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले साल से ज्यादा है। इससे किसानों को खाद की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा और खेती का काम समय पर हो सकेगा।

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