
भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। सिर्फ 5 दिनों में डीजल-पेट्रोल करीब 4 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। इसके बाद ट्रांसपोर्टर्स ने माल भाड़ा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अगर ऐसा होता है तो किराना, होटल, टैक्सी और रोजमर्रा की जरूरत का सामान और महंगा हो सकता है। यानी आने वाले दिनों में आम आदमी का मासिक बजट और बिगड़ सकता है।
ट्रांसपोर्टर्स बोले- अब पुरानी दरों पर काम मुश्किल
भोपाल के ट्रांसपोर्ट कारोबारी कमल पंजवानी के मुताबिक डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी दबाव बना दिया है। उनका कहना है कि कारोबार पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था, अब लागत और बढ़ गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भोपाल से इंदौर तक यदि किसी ट्रक का भाड़ा अभी 10 हजार रुपए है तो वह बढ़कर 11 हजार रुपए तक पहुंच सकता है। इसका असर सीधे बाजार कीमतों पर दिखेगा।
प्रदेश में 10 लाख तक ट्रकों की आवाजाही
मध्य प्रदेश में करीब 8 से 10 लाख ट्रक ऑल इंडिया परमिट के तहत चलते हैं। ये ट्रक प्रदेश समेत देशभर में सामान की सप्लाई करते हैं। इन्हीं वाहनों से किराना, गेहूं, सोयाबीन, कपास, सीमेंट, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और खाद जैसी जरूरी चीजें बाजार तक पहुंचती हैं। ऐसे में भाड़ा बढ़ा तो इन सभी वस्तुओं की कीमतों में असर दिखना तय माना जा रहा है।
होटल और खाने की कीमतों पर भी असर
भोपाल होटल एवं रेस्टॉरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि होटल इंडस्ट्री पहले से ही LPG संकट का सामना कर रही है। पिछले दो महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक उछाल आया है। उन्होंने बताया कि एक कमर्शियल सिलेंडर अब करीब 3 हजार रुपए तक पहुंच गया है। इसके चलते भोपाल में भोजन की कीमतें पहले ही 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।
दूध, पनीर और दही भी हुए महंगे
महंगाई का असर सिर्फ होटल तक सीमित नहीं है। दूध के दाम 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। इसके कारण पनीर, दही और डेयरी प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। रेस्टॉरेंट संचालकों का कहना है कि किचन का पूरा बजट बिगड़ चुका है। यही वजह है कि खाने के मेन्यू में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
किराना बाजार ने भी जताई चिंता
किराना कारोबारी विवेक साहू के मुताबिक ईरान-अमेरिका तनाव के बाद से कई जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ चुकी हैं। अब यदि माल भाड़ा बढ़ता है तो बाजार में और महंगाई देखने को मिलेगी। व्यापारियों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने का सबसे बड़ा असर आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ता है। यानी रोजमर्रा की खरीदारी पहले से ज्यादा महंगी हो सकती है।
टैक्सी किराया बढ़ाने की तैयारी
ऑल इंडिया टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय सचिव नफीस उद्दीन ने बताया कि अगले सप्ताह संगठन की बड़ी बैठक होने वाली है। इस बैठक में टैक्सी किराया 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अंतिम फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा, लेकिन संकेत साफ हैं कि सफर भी महंगा हो सकता है।
डीजल भरवाने पर लिमिट की चर्चा
पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक कुछ तेल कंपनियों में एक बार में सीमित मात्रा में डीजल भरने की व्यवस्था लागू होने की चर्चा है। दावा किया गया कि एचपीसीएल में 300 लीटर और बीपीसीएल-इंडियन ऑयल में 200 लीटर से ज्यादा डीजल भरने पर मशीन लॉक हो सकती है।
हालांकि तेल कंपनियों ने इस तरह की किसी कैपिंग से इनकार किया है। इंडियन ऑयल और एचपीसीएल अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई सीमा तय नहीं की गई है।
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