
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल किसानों के लिए बड़ी राहत सामने आई है—सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह फैसला बंपर उत्पादन के चलते लिया गया, जिससे राज्य के लाखों किसानों को MSP पर अपनी उपज बेचने का मौका मिलेगा।
गेहूं खरीदी लक्ष्य में बड़ा इजाफा
मध्यप्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में रिकॉर्ड उत्पादन का हवाला देते हुए लक्ष्य बढ़ाने की मांग की थी। पहले 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन नई मंजूरी के बाद अब यह बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हो गया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस फैसले की जानकारी पत्र के माध्यम से दी। इसमें बताया गया कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।
क्यों बढ़ाना पड़ा खरीदी का लक्ष्य?
इस साल मध्यप्रदेश में गेहूं का उत्पादन अपेक्षा से अधिक हुआ है। बेहतर मौसम और खेती की तकनीकों के कारण किसानों को बंपर पैदावार मिली। अगर खरीदी का लक्ष्य नहीं बढ़ाया जाता, तो बड़ी मात्रा में गेहूं खुले बाजार में कम कीमत पर बिक सकता था।
सरकार के अनुसार:
- उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई
- MSP पर खरीद सुनिश्चित करना जरूरी था
- किसानों की आय को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है
चरणबद्ध तरीके से होगी खरीदी
राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को चरणों में करने का निर्णय लिया है।
- पहले छोटे किसानों से खरीदी
- फिर मध्यम किसानों से
- अंत में बड़े किसानों से
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छोटे और सीमांत किसानों को पहले लाभ मिले और उन्हें इंतजार न करना पड़े।
किसानों और आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
यह फैसला सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं है, इसका व्यापक असर आम लोगों पर भी पड़ेगा।
किसानों के लिए:
- MSP पर अधिक मात्रा में गेहूं बेचने का अवसर
- बाजार में कम कीमत मिलने का जोखिम कम
- आय में स्थिरता
आम उपभोक्ताओं के लिए:
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए पर्याप्त स्टॉक
- भविष्य में कीमतों में स्थिरता की संभावना
- खाद्य सुरक्षा मजबूत
राज्य अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा
- कृषि क्षेत्र में भरोसा मजबूत होगा
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों के परिश्रम का सम्मान है और उन्हें उचित मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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