
भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीद को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पुराने वीडियो में कचरा वाहनों की अलग-अलग कीमतों और LED बल्बों की खरीद पर सवाल उठाए गए हैं।
वीडियो में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में सामने आई विसंगतियों का जिक्र करते दिखाई दे रहे हैं। नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मामले की जांच कराने और अनियमितता मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
कचरा गाड़ी की कीमत में 4 लाख रुपये का अंतर
वायरल वीडियो में बताया गया है कि एक नगरीय निकाय ने कचरा वाहन 2 लाख रुपये में खरीदा, जबकि दूसरे निकाय ने इसी तरह की गाड़ी के लिए 6 लाख रुपये खर्च किए। दोनों खरीद की कीमतों में 4 लाख रुपये का अंतर है।
वीडियो में वाहनों पर डस्टबिन लगाने और जरूरत से ज्यादा गाड़ियां खरीदने का भी जिक्र है। दावा किया गया कि कुछ निकायों ने अपने यहां मौजूद वार्डों की संख्या से भी अधिक कचरा वाहन खरीद लिए, लेकिन उनकी मौजूदा स्थिति और इस्तेमाल की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
1,134 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद का जिक्र
भोपाल के भौरी में आयोजित एक ट्रेनिंग सेशन की समीक्षा बैठक का बताया जा रहा यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे खरीद प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ियों पर चर्चा करते नजर आते हैं।
वीडियो में उनके हवाले से बताया गया है कि पिछले तीन वर्षों में शहरी स्थानीय निकायों ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल के जरिए 1,134 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
200 LED बल्बों की खरीद पर भी उठे सवाल
खरीद प्रक्रिया में एक अन्य उदाहरण 200 LED बल्बों के लिए 60 लाख रुपये खर्च किए जाने का दिया गया है। वीडियो में इस खरीद का उल्लेख करते हुए सरकारी धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं।
इन मामलों को लेकर खरीद की कीमतों, सामान की संख्या और उसके वास्तविक उपयोग से जुड़े बिंदु चर्चा में हैं। वीडियो पुराना बताया जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके सामने आने के बाद मामला फिर सुर्खियों में है।
प्रतिमा बागरी ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा है कि GeM पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीद में किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर जांच कराई जाएगी। उत्पादों की कीमतों में असामान्य अंतर मिलने पर भी विभाग इसकी पड़ताल करेगा।
मंत्री के मुताबिक, पोर्टल को समय-समय पर अपग्रेड किया जाता है, ताकि अनियमितताओं के कारणों और उनके तरीकों की पहचान की जा सके। उन्होंने विभाग की ओर से खरीद और निर्माण कार्यों की निगरानी किए जाने की बात भी कही।
वायरल वीडियो की भी होगी जांच
प्रतिमा बागरी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो की भी जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी खरीद से जुड़े इन आरोपों पर अब जांच के नतीजे अहम होंगे। उनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग कीमतों और खरीद की मात्रा में अंतर के पीछे क्या कारण थे और क्या किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।
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