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एमपी: पीएनजी कनेक्शन लेना होगा अनिवार्य, 90 दिन में बंद हो सकती है एलपीजी सप्लाई

30 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी: पीएनजी कनेक्शन लेना होगा अनिवार्य, 90 दिन में बंद हो सकती है एलपीजी सप्लाई
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मध्यप्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अब एलपीजी सिलेंडर के बजाय पीएनजी कनेक्शन लेना होगा। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, पाइपलाइन उपलब्ध होने के बाद नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित उपभोक्ता की एलपीजी आपूर्ति बंद की जा सकती है।


खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नागरिकों से पीएनजी कनेक्शन अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 3.88 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि वाहनों के लिए 433 सीएनजी स्टेशन भी संचालित हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन एक साथ रखने की अनुमति नहीं है। 


मंत्री के मुताबिक पीएनजी कनेक्शन स्थापित होने के 30 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं को भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्र में एलपीजी की जरूरत होगी, वे ट्रांसफर वाउचर प्राप्त कर सकते हैं।


55 जिलों में तेजी से बिछ रहा गैस नेटवर्क

प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार के लिए 14 फरवरी 2025 को मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति लागू की गई थी। इसके तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों को कवर करने वाले 25 भौगोलिक क्षेत्रों में 10 सीजीडी संस्थाएं काम कर रही हैं। नेटवर्क विस्तार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए डीएम एनओसी और राइट ऑफ यूज की अनुमतियां समयबद्ध तरीके से जारी की जा रही हैं।


पीएनजी से मिलेगी 24 घंटे गैस

मंत्री के मुताबिक, पीएनजी कनेक्शन से उपभोक्ताओं को 24 घंटे गैस आपूर्ति की सुविधा मिलेगी। इसमें सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मीटर के जरिए जितनी गैस इस्तेमाल होगी, उतना ही भुगतान करना होगा। सरकार का दावा है कि प्रति यूनिट ऊर्जा के हिसाब से पीएनजी एलपीजी से किफायती है। इसके अलावा यह स्वच्छ ईंधन है, जिससे घरों के भीतर धुआं और प्रदूषण भी कम होता है।

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