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MP कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, लीव इनकैशमेंट पर नया आदेश; अब खुद जान सकेंगे कितनी मिलेगी राशि

25 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, लीव इनकैशमेंट पर नया आदेश; अब खुद जान सकेंगे कितनी मिलेगी राशि
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लीव इनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या सेवा के दौरान मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली अवकाश नकदीकरण राशि का अनुमान स्वयं लगा सकेंगे।


वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए आदेश के बाद पूरे प्रदेश में लीव इनकैशमेंट की गणना एक समान प्रक्रिया के तहत की जाएगी।


अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड सही रखने के निर्देश

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवकाश नकदीकरण की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। सभी विभागों को कर्मचारियों के अर्जित अवकाश (ईएल) का रिकॉर्ड सही तरीके से संधारित करने और भुगतान के समय एक समान प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भुगतान में देरी और गणना संबंधी त्रुटियों से बचा जा सके।


300 दिन तक के अर्जित अवकाश का मिलेगा लाभ

सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश जमा है, तब भी भुगतान केवल 300 दिन तक के अवकाश का ही किया जाएगा।


पहले लिया लाभ तो उतने दिन होंगे कम

वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ ले चुका है, तो पहले प्राप्त किए गए दिनों को 300 दिनों की अधिकतम सीमा से घटाया जाएगा। यानी किसी भी कर्मचारी को कुल मिलाकर 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं मिलेगा।


नए आदेश से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

सरकार के नए निर्देशों के बाद कर्मचारियों को कई सुविधाएं मिलेंगी—

- कर्मचारी पहले से अपनी संभावित लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान लगा सकेंगे।

- विभागों में गणना संबंधी गलतियों में कमी आएगी।

- भुगतान से जुड़े विवाद कम होंगे।

- सभी विभागों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होगी।

- रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाभों में पारदर्शिता बढ़ेगी।


सरकार का उद्देश्य क्या है?

राज्य सरकार का कहना है कि इस आदेश का उद्देश्य अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और एकरूप बनाना है। अब तक अलग-अलग विभागों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाने के कारण कर्मचारियों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए दिशा-निर्देश लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में एक जैसी व्यवस्था लागू होगी।


क्या होता है लीव इनकैशमेंट?

सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (ईएल) जमा होते रहते हैं। कई कर्मचारी अपनी सभी छुट्टियों का उपयोग नहीं कर पाते, जिससे उनके खाते में अवकाश शेष रह जाता है।


रिटायरमेंट या सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर शेष अर्जित अवकाश के बदले सरकार नकद भुगतान करती है। इसी भुगतान को लीव इनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) कहा जाता है। यह राशि रिटायरमेंट लाभों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और कई मामलों में इसकी रकम लाखों रुपये तक पहुंच सकती है।

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