
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी खर्चों को सीमित करने के लिए नए वाहनों की खरीद पर छह महीने तक रोक रहेगी। मंत्रियों और अफसरों के लिए वाहन खरीद के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
2026-27 के द्वितीय अनुपूरक बजट में भी सिर्फ जरूरी मदों को जगह मिलेगी। अतिरिक्त बजट मांगने वाली नई योजनाओं और अधूरे प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
पुराने वाहनों से ही चलेगा काम
वित्त विभाग ने विभागों को मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। जिन जरूरतों को विभाग अपनी योजनाओं में बची राशि से पूरा कर सकते हैं, उन पर अतिरिक्त खर्च की अनुमति नहीं होगी।
नए वाहन खरीदने से जुड़े प्रस्ताव भी इसी दायरे में रखे गए हैं। विभागों को फिलहाल उपलब्ध पुरानी गाड़ियों से काम चलाना होगा।
दफ्तरों के खर्च पर भी नियंत्रण
सरकारी कार्यालयों की साज-सज्जा और महंगे उपकरण खरीदने जैसे खर्चों को भी सीमित किया गया है। अनावश्यक यात्राओं पर भी खर्च नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे प्रस्ताव जिनके लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी, उन्हें अनुमति नहीं मिलेगी।
दिसंबर में आएगा द्वितीय अनुपूरक बजट
विधानसभा के दिसंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित शीतकालीन सत्र में वित्त वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों से अपने प्रस्ताव मांगे हैं। नए वाहनों की खरीद वाले प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किन प्रस्तावों को मिल सकती है जगह?
अनुपूरक बजट में सामान्य खर्च बढ़ाने के बजाय चुनिंदा और अत्यावश्यक मदों पर ध्यान रहेगा।
आकस्मिकता निधि से पहले मिली अग्रिम मंजूरी वाले मामले
केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता से जुड़े मामले
पहले से जरूरी माने गए चुनिंदा खर्च
अधूरे प्रस्ताव होंगे खारिज
जिन प्रस्तावों में सक्षम प्रशासनिक मंजूरी नहीं होगी या आवश्यक पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, उन्हें अपूर्ण माना जाएगा। ऐसे प्रस्तावों को अनुपूरक बजट में शामिल नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मांगने वाली नई योजनाओं को भी अनुमति नहीं मिलेगी।
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