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मध्य प्रदेश में अनुदान प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, 230 प्रतिनिधियों को पोर्टल संचालन की ट्रेनिंग, जानिए क्या बदलेगा

16 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में अनुदान प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, 230 प्रतिनिधियों को पोर्टल संचालन की ट्रेनिंग, जानिए क्या बदलेगा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य से जुड़ी अशासकीय संस्थाओं के लिए अनुदान व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नए ‘अनुदान पोर्टल’ के जरिए आवेदन से लेकर स्वीकृति और भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकेगी।


पोर्टल के संचालन को लेकर भोपाल के राष्ट्रीय होटल प्रबंधन संस्थान, शाहपुरा में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और डेवलपमेंट पार्टनर्स समेत करीब 230 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।


आवेदन से भुगतान तक ऑनलाइन व्यवस्था

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संस्थाओं को अनुदान के लिए अलग-अलग चरणों में कागजी प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना होगा। पोर्टल पर ये काम किए जा सकेंगे:


- अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन

- जरूरी दस्तावेज अपलोड

- प्रस्ताव का परीक्षण

- स्वीकृति की प्रक्रिया

- अनुदान वितरण

- प्रगति की ऑनलाइन निगरानी


विभाग के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था से मानवीय हस्तक्षेप कम करने, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने तथा स्वीकृति और भुगतान को समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।


मंत्री ने 15 सितंबर को किया था पोर्टल का शुभारंभ

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विकसित ‘अनुदान पोर्टल’ का ऑनलाइन शुभारंभ 15 सितंबर को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने किया था।


इसके प्रभावी इस्तेमाल के लिए बुधवार को भोपाल में प्रशिक्षण रखा गया, जिसमें पोर्टल के विभिन्न हिस्सों और ऑनलाइन प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।


महिलाओं और बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

महिला एवं बाल विकास आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने संस्थाओं और अधिकारियों से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, परामर्श और पुनर्वास को प्राथमिकता देने की अपील की।


उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की वास्तविक सफलता का आकलन उनके जमीनी प्रभाव से होता है। क्षेत्रीय घटनाओं और बदलते ट्रेंड की पहचान कर संवेदनशील क्षेत्रों की वास्तविक जरूरत के अनुसार योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।


आयुक्त ने प्रतिभागियों से पोर्टल का गंभीरता से अध्ययन कर उसका अधिकतम और सार्थक उपयोग करने को कहा। साथ ही, इसकी उपयोगिता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सुझाव देने की बात भी कही।


प्रशिक्षण में पोर्टल के मॉड्यूल समझाए गए

मिशन वात्सल्य के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अमिताभ अवस्थी ने पोर्टल की उपयोगिता, उसके अलग-अलग मॉड्यूल और अशासकीय संस्थाओं के इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाई।


मिशन शक्ति की प्रभारी डॉ. प्रज्ञा अवस्थी ने रिपोर्ट तैयार करने और जरूरी सूचनाओं को पोर्टल पर अपडेट रखने की प्रक्रिया बताई। तकनीकी सत्र में ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज अपलोड करने समेत पोर्टल संचालन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई।


मिशन शक्ति में 14 शक्ति सदन संचालित

प्रदेश के 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित हैं। यहां कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाली महिलाओं को आश्रय, संरक्षण और पुनर्वास सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष 2,386 महिलाएं इन सेवाओं से लाभान्वित हुईं।


मिशन वात्सल्य के तहत 130 बाल देखरेख संस्थाएं


मिशन वात्सल्य के तहत मध्यप्रदेश में 130 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं। इनमें वर्तमान में 2,377 बच्चे निवासरत हैं।


इन संस्थाओं में 79 अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं को वर्तमान में अनुदान दिया जा रहा है।


प्रशिक्षण में 79 अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिशन शक्ति से जुड़ी 11 अशासकीय संस्थाओं और मिशन वात्सल्य की लगभग 68 अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।


विभागीय अधिकारियों और डेवलपमेंट पार्टनर्स सहित कुल मिलाकर करीब 230 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

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