
भोपाल। शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़े नियमों में हुए बदलाव के बाद कई लाइसेंसधारकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब हर 5 साल में होने वाले रिन्यूअल के दौरान पटवारी की रिपोर्ट भी अहम होगी। यदि रिपोर्ट में किसी दूसरे की जमीन पर कब्जे का प्रयास या कब्जे से जुड़ा मामला दर्ज मिलता है तो लाइसेंस के नवीनीकरण पर असर पड़ सकता है।
प्रशासन ने सत्यापन प्रक्रिया को सभी स्तरों पर अनिवार्य किया है। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
सभी स्तरों पर होगा सत्यापन
जिले में शस्त्र लाइसेंस का कार्य देख रहे संयुक्त कलेक्टर इकबाल मोहम्मद ने बताया कि हर स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके स्थानांतरण के बाद नए अधिकारी को प्रभार सौंपा जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले में 7,716 लाइसेंस, इस साल 2,127 का रिन्यूअल
जिले में कुल 7,716 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें से करीब 30 फीसदी यानी 2,127 लाइसेंस का नवीनीकरण इसी वर्ष होना है। प्रशासन पहले ही स्पोर्ट्स कोटे से जारी लाइसेंसों का सत्यापन कर चुका है। इस दौरान 40 लाइसेंस निरस्त किए गए थे, क्योंकि संबंधित लोग लंबे समय से खेल गतिविधियों से जुड़े नहीं थे।
बिजली बिल बकाया भी बन सकता है वजह
बिजली कंपनी ने प्रशासन को 35 बकायादारों की सूची भेजी है। कंपनी ने बकाया राशि जमा नहीं होने पर संबंधित शस्त्र लाइसेंस रद्द करने का अनुरोध भी किया है। प्रशासन वर्ष के अंत में इस सूची को अपडेट करेगा। यदि तब तक बकाया जमा नहीं किया गया, तो लाइसेंस पर कार्रवाई हो सकती है।
जमीन कब्जे के 2,200 मामले दर्ज
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, आठ नजूल क्षेत्रों की 25 तहसीलदार अदालतों में जमीन कब्जे से जुड़े करीब 2,200 मामले लंबित हैं।
इन मामलों में पटवारी की रिपोर्ट लगती है। यदि किसी प्रकरण में शस्त्र लाइसेंसधारी शामिल पाया जाता है, तो उससे पूछताछ की जाएगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस के नवीनीकरण पर असर पड़ सकता है।
आर्म्स एक्ट क्या कहता है
आर्म्स एक्ट 1959 के अनुसार शस्त्र लाइसेंस जारी करने और उसके नवीनीकरण का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट के पास होता है।
यदि किसी व्यक्ति के आचरण से सार्वजनिक सुरक्षा पर खतरा माना जाता है या सत्यापन के दौरान प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं, तो जिला मजिस्ट्रेट लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगा सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्ति का शस्त्र लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है।
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