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गुरु पूर्णिमा पर CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, 60 सांदीपनि विद्यालय, 1000 शिक्षक नियुक्त और उज्जैन को मेडिकल यूनिवर्सिटी

30 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
गुरु पूर्णिमा पर CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, 60 सांदीपनि विद्यालय, 1000 शिक्षक नियुक्त और उज्जैन को मेडिकल यूनिवर्सिटी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की गई। 1000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जबकि प्रदेश में अब तक 10 हजार शिक्षकों की भर्ती पूरी होने की जानकारी दी गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 60 नए सांदीपनि विद्यालयों, उज्जैन में नई मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना, सांदीपनि आश्रम के विकास और मेधावी विद्यार्थियों व उत्कृष्ट स्कूलों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं सहित कई घोषणाएं कीं।


1000 शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 1000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे महर्षि सांदीपनि की परंपरा के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें और भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता के भाव के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करें।


60 नए सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत

प्रदेश को गुरु पूर्णिमा पर 60 नए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली।

  • 39 विद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग के हैं।

  • 21 विद्यालय जनजातीय कार्य विभाग के हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय गुरुकुल परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वित स्वरूप हैं, जो शिक्षा, संस्कार, तकनीक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र बनेंगे। उनका कहना था कि ये विद्यालय भविष्य के भारत की मजबूत आधारशिला साबित होंगे और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारेंगे।


सांदीपनि आश्रम में होंगे 165 करोड़ रुपये के विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में ₹165 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को इसी आश्रम में केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन और कर्म का व्यावहारिक ज्ञान भी मिला था।


उज्जैन में बनेगी दूसरी मेडिकल यूनिवर्सिटी

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के लिए केवल जबलपुर में मेडिकल यूनिवर्सिटी है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता को देखते हुए अब उज्जैन में नवीन धनवन्तरी चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है।


मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट स्कूलों के लिए प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं का उल्लेख किया।

  1. 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में लगातार 3 वर्ष तक 100% परिणाम देने वाले स्कूलों के प्राचार्यों को ₹1 लाख सम्मान राशि दी जाएगी।

  2. ऐसे विद्यालयों में विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।

  3. 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के लिए ₹70 लाख से ₹80 लाख तक फीस सहायता देने की योजना जारी है।

  4. विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश, साइकिल और स्कूटी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।


AI आधारित शिक्षा और आधुनिक व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए एआई आधारित मिशन बुनियाद के अंतर्गत नई शिक्षा योजना शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को गुरुकुल परंपरा के संस्कारों से जोड़कर ऐसी पीढ़ी तैयार की जा सकती है, जो ज्ञान, चरित्र और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित हो। उनके अनुसार विकसित भारत का लक्ष्य आधुनिक शिक्षा और अत्याधुनिक कक्षाओं के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।


सांदीपनि विद्यालयों पर बड़ा निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले और दूसरे चरण में सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण पर सरकार करीब ₹25,500 करोड़ खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे अच्छे कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और अब निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं।


गुरु परंपरा और भारतीय संस्कृति का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी गुरु परंपरा है। उन्होंने माता-पिता को पहला गुरु बताते हुए कहा कि उनके ऋण से कभी मुक्त नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने कहा कि गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। सांदीपनि गुरु ने भगवान श्रीकृष्ण को जगतगुरु के रूप में देखा और भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, कर्म और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सदैव नैतिकता और दान की भावना को महत्व देती रही है।

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