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मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, 5 जिलों में अलर्ट, 4 जिलों के स्कूल बंद, 527 लोगों का रेस्क्यू

12 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, 5 जिलों में अलर्ट, 4 जिलों के स्कूल बंद, 527 लोगों का रेस्क्यू
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का सबसे मजबूत सिस्टम सक्रिय रहने से कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है। इंदौर-उज्जैन संभाग के पांच जिलों में अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं।


भोपाल और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं। भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा में बुधवार को स्कूल बंद रखे गए हैं, जबकि प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।


इंदौर-उज्जैन के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण इन क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का खतरा पैदा होने की स्थिति बनी हुई है।


खरगोन में 8 इंच से ज्यादा बारिश, बांध का गेट खोलना पड़ा

खरगोन जिले में बीते 24 घंटे में 8 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। पानी की आवक बढ़ने के बाद बुधवार सुबह अपरवेदा बांध का तीसरा गेट एक मीटर तक खोलना पड़ा। प्रदेश के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से मुश्किलें बढ़ी हैं।


भोपाल में 2 दिन में 8 इंच बारिश

भोपाल में सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश का असर दिखाई दिया। शहर में दो दिनों के भीतर करीब 8 इंच पानी गिर चुका है। बारिश के कारण करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी पहुंच गया। कई प्रमुख रास्ते घंटों प्रभावित रहे। पानी ट्रांसफॉर्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पहुंचने पर सुरक्षा के लिहाज से कई जगह बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात भोपाल में करीब पौने 3 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई।


4 जिलों में आज स्कूल बंद

भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए बुधवार को भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा में सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इन जिलों में बारिश से बने हालात को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखना है।


527 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया

प्रदेश में पिछले 3 दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भोपाल सहित मध्य प्रदेश के करीब आधे हिस्से में तेज बारिश हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति देखी और प्रभावित लोगों का हाल जाना। सरकारी स्तर पर अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।


शहडोल में पुल नहीं होने से गांवों का संपर्क टूटता है

शहडोल के बुढार जनपद में टेंघा-छिनमार मार्ग पर सड़क का निर्माण हो चुका है, लेकिन घोघरी नदी पर पुल नहीं बनाया गया है। बारिश के दौरान नदी का बहाव तेज होने पर छिनमार, गोड़ीनबुढ़ा और नागिन समेत कई गांवों का टेंघा से संपर्क टूट जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है। बच्चों ने अपनी परेशानी बताते हुए पुल निर्माण की मांग की है और कहा कि नदी पार करते समय उन्हें डर लगता है।


मरीजों को चारपाई पर नदी तक लाने की मजबूरी

ग्रामीणों के अनुसार किसी मरीज को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर उसे चारपाई पर नदी तक लाना पड़ता है। नदी के दूसरी तरफ एंबुलेंस खड़ी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ। विधायक और सांसद के सामने मांग रखने तथा मतदान बहिष्कार जैसे कदम उठाने के बावजूद समस्या बनी हुई है।


72 घंटे से बारिश के पीछे सक्रिय सिस्टम

मौसम की मौजूदा स्थिति के पीछे इंदौर क्षेत्र में बना लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य प्रदेश में पिछले 72 घंटे से बारिश हो रही है। बुधवार को भी सिस्टम का प्रभाव बने रहने की संभावना है।


बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवात, अगले चार दिन अहम

मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवात सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास नए लो प्रेशर एरिया के बनने की संभावना है। उनके अनुसार इस सिस्टम के चलते मध्य प्रदेश के लिए अगले चार दिन महत्वपूर्ण रहेंगे।


शिवपुरी का पवा झरना पहली बार पूरे वेग से बहा

शिवपुरी तहसील के पश्चिमी हिस्से में हुई तेज बारिश के बाद पवा झरना इस सीजन में पहली बार पूरे सैलाब के साथ बहता दिखाई दिया। बेधारी, सालौदा, ख्यावदा और तिमानी गांवों में हुई बारिश का पानी तेज बहाव के साथ पवा झरने तक पहुंचा। इसके बाद करीब 100 फीट ऊंचाई से पानी गिरने लगा। झरने के सक्रिय होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचने लगे। कोलारस और पोहरी तहसील के बीच स्थित पवा झरने का नजारा देखने आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं।


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