
भोपाल। मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहरों में आवासीय और व्यावसायिक विकास का नया खाका तैयार किया जा रहा है। हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं में हजारों घरों के साथ दुकानें, शोरूम और ऑफिस स्पेस विकसित करने का प्रस्ताव है, जबकि जबलपुर में 60 मीटर तक ऊंची इमारतें बनाने की तैयारी है।
इन परियोजनाओं में भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी, जबलपुर का धन्वंतरि नगर और ग्वालियर का ग्वाल सागर प्रमुख हैं। बोर्ड का जोर उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल करते हुए आवासीय सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नए स्थान तैयार करने पर है।
भोपाल में प्रोफेसर कॉलोनी की योजना में बदलाव
राजधानी की प्रोफेसर कॉलोनी परियोजना पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। छोटे तालाब के नजदीक होने के कारण यह योजना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक पहुंच गई थी। अब परियोजना से कलेक्टर कार्यालय को हटाकर नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
योजना के तहत आवासीय भवनों के अलावा चौड़ी सड़कें और पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही भोपाल में करीब 1,500 करोड़ रुपये की सेंट्रल विस्टा परियोजना की DPR भी तैयार हो चुकी है।
जबलपुर में 60 मीटर तक ऊंची इमारतें बनाने की तैयारी
धन्वंतरि नगर में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड की 480 करोड़ रुपये की मिश्रित आवासीय-वाणिज्यिक योजना को मंजूरी मिल गई है। लगभग 6.36 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग आकार के फ्लैट और व्यावसायिक परिसर शामिल होंगे।
यहां 1, 2, 3 और 4 BHK के आवासों के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दुकानें और ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित इमारतों की ऊंचाई 60 मीटर तक होगी, जिससे ये जबलपुर की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल हो सकती हैं।
परियोजना में व्यावसायिक उपयोग के लिए 38 बड़े ऑफिस हॉल और 112 दुकानें बनाने की योजना है। पार्किंग के लिए 1,000 से अधिक स्थानों का प्रस्ताव रखा गया है। बोर्ड इस प्रोजेक्ट का टेंडर जल्द जारी करने की तैयारी में है।
ग्वालियर में ग्वाल सागर पर 300 करोड़ से ज्यादा खर्च
ग्वालियर की ग्वाल सागर परियोजना के विकास पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त शहर के बायपास क्षेत्र में नई आवासीय योजना विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
हाउसिंग बोर्ड सूर्यनगर फेज-2 को पहले ही मंजूरी दे चुका है। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर में आवासीय विकल्प बढ़ाने के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह उपलब्ध कराना है।
तीनों शहरों की योजनाएं अर्बन कॉन्क्लेव में होंगी प्रदर्शित
हाउसिंग बोर्ड इन परियोजनाओं को आगामी अर्बन कॉन्क्लेव में प्रदर्शित करने की तैयारी कर रहा है। भोपाल और ग्वालियर की योजनाओं को भी जल्द लॉन्च करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन के मुताबिक, मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हाईराइज इमारतों और बड़े आवासीय-वाणिज्यिक प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने धन्वंतरि नगर की प्रस्तावित इमारत को जबलपुर के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
रीडेवलपमेंट से जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर
हाउसिंग बोर्ड की इन योजनाओं में रीडेवलपमेंट और रीडेंसिफिकेशन को प्रमुखता दी जा रही है। इसके जरिए मौजूदा शहरी जमीन का अधिक प्रभावी उपयोग करते हुए आवास, सड़क, पार्किंग और व्यावसायिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की योजना है।
तीनों शहरों में प्रस्तावित परियोजनाओं के आगे बढ़ने से आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के नए अवसर तैयार हो सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग योजनाओं की लॉन्चिंग और निर्माण की समय-सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
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