
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात 20 आईएएस अधिकारियों के तबादलों का आदेश जारी कर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के एक दिन बाद हुई इस कार्रवाई में 6 जिलों के कलेक्टर बदले गए और कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां भी नए अधिकारियों को सौंपी गईं।
इस प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री सचिवालय, उद्योग, जल संसाधन, ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन और नर्मदा घाटी विकास जैसे प्रमुख विभागों में नई तैनातियां की गई हैं। साथ ही प्रदेश में महिला कलेक्टरों की संख्या भी घटकर 15 रह गई है।
6 जिलों को मिले नए कलेक्टर
सरकार ने छह जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त किए हैं।
रतलाम – अजय कटेसरिया
शहडोल – मिशा सिंह
अनूपपुर – रत्नाकर झा
खरगोन – गुरु प्रसाद
मंदसौर – दिव्यांक सिंह
आगर मालवा – डॉ. शेर सिंह मीना
शहडोल के तत्कालीन कलेक्टर केदार सिंह को लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय और GIS-2027 से जुड़े अहम फैसले
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई को जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें उद्योग एवं एमएसएमई विभाग का दायित्व भी सौंपा गया है, जो पहले राघवेंद्र सिंह के पास था। इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े अब मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव की भूमिका निभाएंगे। उनकी जगह भास्कर लक्षकार को इंदौर संभाग का नया आयुक्त बनाया गया है।
कई प्रमुख विभागों में बदली जिम्मेदारियां
एसीएस डॉ. राजेश राजौरा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
इसके साथ विभागीय जिम्मेदारियों में यह बदलाव किए गए हैं—
संदीप यादव – प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग
केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध परियोजनाओं की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।
ई. रमेश कुमार – नर्मदा घाटी विकास (NVD) का प्रभार, राजस्व विभाग के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी।
कुमार पुरुषोत्तम – मंडी बोर्ड के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव।
ऊर्जा, PHE और वन विभाग में भी बदलाव
प्रशासन अकादमी के महानिदेशक पद से हटाए गए सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब मनीष सिंह को दिया गया है। यह विभाग पहले नीरज मण्डलोई के पास था। उद्योग विभाग से हटाए गए राघवेंद्र सिंह अब वन विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। उन्हें आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
अजय कटेसरिया को पहली बार मिली कलेक्टर की जिम्मेदारी.
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को पहली बार किसी जिले का कलेक्टर बनाया गया है। उन्हें रतलाम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने पदोन्नति नियम-2025 तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने में भी उनका योगदान रहा है।
महिला कलेक्टरों की संख्या घटी.
प्रदेश के 55 जिलों में एक महीने पहले तक 17 महिला कलेक्टर कार्यरत थीं। अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है।
भव्या मित्तल दो वर्ष की स्टडी लीव पर चली गई हैं।
अदिति गर्ग को ओएसडी सह आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग बनाया गया है।
प्रीति यादव को औद्योगिक विकास निगम, इंदौर का कार्यकारी संचालक नियुक्त किया गया है।
मिशा सिंह के शहडोल कलेक्टर बनने से एक महिला अधिकारी की नियुक्ति हुई, लेकिन कुल संख्या 15 पर आ गई।
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