
भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादलों से जुड़े फैसलों के लिए गठित सिविल सेवा बोर्ड में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव को बोर्ड का सदस्य नामित करने के आदेश जारी किए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशों के अनुसार, अब मनु श्रीवास्तव बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों से जुड़े मामलों पर अपना अभिमत प्रस्तुत करेंगे। यह व्यवस्था नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद लागू की गई है।
सिविल सेवा बोर्ड में हुआ नया नामांकन
राज्य सरकार ने 12 मार्च 2025 को गठित सिविल सेवा बोर्ड में संशोधन करते हुए अपर मुख्य सचिव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मनु श्रीवास्तव को सदस्य के रूप में नामित किया है। जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड की कार्यवाही भारतीय प्रशासनिक सेवा से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित होगी।
किन नियमों के आधार पर हुआ फैसला
सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 28 जनवरी 2014 को भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग से जुड़े नियमों में संशोधन किया था।
IAS कैडर नियम, 1954 के नियम-7 में किए गए संशोधन के तहत अधिकारियों की नियुक्ति और तबादलों से संबंधित सिफारिशों के लिए सिविल सेवा बोर्ड के गठन का प्रावधान किया गया है।
बोर्ड की संरचना कैसी है
निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सिविल सेवा बोर्ड में—
मुख्य सचिव बोर्ड के चेयरमैन होंगे।
सीनियर अपर मुख्य सचिव, राजस्व मंडल अध्यक्ष, वित्त आयुक्त अथवा समकक्ष स्तर का अधिकारी सदस्य होगा।
कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव सदस्य सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे।
वर्तमान में अशोक बर्णवाल मुख्य सचिव हैं, जबकि एम. सेलवेंद्रन कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में पदस्थ हैं।
इन्हीं प्रावधानों के अनुसार चलेगी बोर्ड की कार्यवाही
जीएडी के आदेश में कहा गया है कि सिविल सेवा बोर्ड की सभी प्रक्रियाएं 28 जनवरी 2014 को निर्धारित प्रावधानों के आधार पर संचालित की जाएंगी। मनु श्रीवास्तव की सदस्य के रूप में नियुक्ति भी इसी व्यवस्था के तहत की गई है।
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