
भोपाल। आगामी त्योहारों को देखते हुए छत्तीसगढ़ में जनसुरक्षा और अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी कलेक्टरों को धार्मिक आयोजनों, पूजा पंडालों, मेलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख निर्देश एक नजर में
- अग्निशमन की तैनाती: प्रमुख धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, मेला स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में जरूरत के अनुसार दमकल वाहन एवं प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी तैनात किए जाएंगे।
- बिजली व्यवस्था की जांच: खुले तारों और ओवरलोडिंग की जांच कर खामियों को तत्काल दूर किया जाएगा।
- पंडालों में सुरक्षा: अस्थायी पंडालों, मंचों और अन्य संरचनाओं में ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा।
- आपातकालीन रास्ते खुले: दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए मार्गों एवं निकास द्वारों को अवरोधमुक्त रखना अनिवार्य होगा।
- बाजारों का निरीक्षण: आतिशबाजी विक्रय स्थलों, अस्थायी दुकानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों की नियमित जांच की जाएगी।
- अग्निशमन उपकरण जरूरी: आयोजकों को अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी।
- विभागों में समन्वय: जिला प्रशासन, नगरीय निकाय, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं आपसी समन्वय से काम करेंगी।
- नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई: संभागीय संयुक्त संचालकों, नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सतत निगरानी एवं नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
आयुक्त संकेत भोंडवे ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है। आयोजनकर्ताओं को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी। सुरक्षा मानकों में कमी या निर्देशों के उल्लंघन पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आगजनी और अन्य अप्रिय दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम करना है।
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