
भोपाल। मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में राज्य को करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें अक्षय ऊर्जा, फार्मा, टेक्सटाइल, सीमेंट, दूरसंचार, डेटा सेंटर और हरित अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया। राज्य सरकार का कहना है कि नए निवेश को जमीन पर उतारने, मौजूदा उद्योगों के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुंबई में उद्योगपतियों से मुलाकात, निवेश और रोजगार पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। चर्चा का प्रमुख उद्देश्य मध्य प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने और पहले से संचालित इकाइयों के विस्तार की संभावनाओं को आगे बढ़ाना रहा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मुंबई में ढाई वर्ष के दौरान यह उनकी आठवीं यात्रा है, जिसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की गई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर परियोजनाओं के संचालन तक जरूरी सहयोग और अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने का निमंत्रण दिया। उनका कहना है कि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
मध्य प्रदेश में निवेश के लिए क्या हैं प्रमुख सुविधाएं?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों के सामने प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक भूमि, परिवहन नेटवर्क, नीतियों और मानव संसाधन से जुड़े अवसरों का उल्लेख किया।
उनके अनुसार, राज्य में उद्योग स्थापना के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश सरकार छोटे, मध्यम और बड़े निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप औद्योगिक ढांचे और प्रोत्साहन व्यवस्था को विकसित करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने निवेश के लिए प्रदेश की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार बताईं:
- 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क।
- एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक।
- राज्य में 8 एयरपोर्ट और 22 प्रमुख रेल जंक्शन।
- तैयार औद्योगिक भूमि के साथ 50 हजार एकड़ से अधिक विकसित की जा रही भूमि।
- उद्योगों की स्थापना में मदद के लिए 25 सरलीकृत नीतियां।
- क्षेत्र विशेष की जरूरतों के अनुसार औद्योगिक पार्क और निवेश प्रोत्साहन पैकेज विकसित करने की व्यवस्था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति से कंपनियों को देश के बड़े उपभोक्ता बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने महाराष्ट्र के बड़े औद्योगिक घरानों द्वारा मध्य प्रदेश को निवेश स्थल के रूप में चुनने का भी उल्लेख किया।
निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल सुविधाएं
राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश पोर्टल 3.0 के माध्यम से प्रक्रियाओं को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, निवेशकों की आवश्यकताओं के हिसाब से औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में 18 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं। इनके साथ निवेशकों को कई डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
- एआई आधारित प्रणाली
- जीआईएस लैंड बैंक
- सिंगल कम्प्लायंस
- फेसलेस इंसेंटिव डिस्बर्सल
- इंसेंटिव कैलकुलेटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पष्ट नीतियां, पर्याप्त औद्योगिक भूमि और उद्योग अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप कस्टमाइज्ड जोन, निवेश पैकेज और क्षेत्र विशेष के औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए तैयार है।
जनवरी 2025 की समिट के 30% निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जनवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान आए निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत प्रस्तावों को जमीन पर उतारा जा चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने के साथ मौजूदा औद्योगिक इकाइयों का विस्तार भी महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य निवेशकों को आवश्यक अनुमतियां और सहयोग उपलब्ध कराकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को उद्योग, व्यापार और व्यवसाय के विस्तार के लिए अनुकूल राज्य बताते हुए कहा कि यहां आने वाले निवेशकों को उनकी जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।
जेएसडब्ल्यू समूह सीमेंट, पेंट और इस्पात कारोबार बढ़ाएगा
मुख्यमंत्री ने जेएसडब्ल्यू समूह के श्री पार्थ जिंदल के साथ बैठक में प्रदेश में कंपनी की मौजूदा औद्योगिक उपस्थिति और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर चर्चा की।
समूह की गतिविधियों में ग्वालियर में पेंट, धार में इस्पात, पन्ना में चूना पत्थर खनन और दमोह जिले के गैसाबाद तथा हटा में सीमेंट से जुड़े कार्य शामिल हैं।
बैठक में सीमेंट और पेंट कारोबार के विस्तार, चल रही परियोजनाओं को जल्द पूरा करने तथा भविष्य में रणनीतिक निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
अवादा समूह का 22,156 करोड़ रुपये का अक्षय ऊर्जा निवेश
अवादा समूह के अध्यक्ष श्री प्रशांत चौबे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, नियमित उपलब्धता वाली नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर चर्चा की।
समूह वर्ष 2013-14 से मध्य प्रदेश में कार्यरत है। नीमच में 151 मेगावाट और आगर सोलर पार्क में 280 मेगावाट की सौर परियोजनाओं में इसकी हिस्सेदारी है।
समूह ने कुल 2,362 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए 22,156 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। प्रस्तावित निवेश का क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है:
- पचोरा में 6,616 करोड़ रुपये।
- ईशानगर में 3,250 करोड़ रुपये।
- नीमच में 12,290 करोड़ रुपये।
बैठक में परियोजनाओं के जल्द पंजीकरण, समूह की कंपनियों और विशेष प्रयोजन संस्थाओं के माध्यम से पंजीकरण के उपयोग, सरकारी भूमि आवंटन तथा भूमि अधिकारों के पट्टे या हस्तांतरण की अनुमति जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
आगर-मालवा में पवन ऊर्जा पंजीकरण की क्षमता 201.3 मेगावाट से बढ़ाकर 264 मेगावाट करने और परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़े विषय भी चर्चा में रहे।
पीथमपुर में एनक्यूब एथिकल्स का 1,200 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव
एनक्यूब एथिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मेहुल मधुसूदन शाह के साथ मुख्यमंत्री ने फार्मास्यूटिकल विनिर्माण का विस्तार करने पर चर्चा की।
कंपनी की मध्य प्रदेश में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, पीथमपुर में इकाई है। कंपनी ने दो फार्मा परियोजनाओं के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इससे 800 से अधिक रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।
प्रस्ताव में मौजूदा पीथमपुर इकाई के दूसरे चरण का विस्तार और पास की 20 एकड़ से अधिक भूमि पर स्टेराइल ऑफ्थैल्मिक यानी आंखों की दवाएं बनाने वाली नई विनिर्माण इकाई स्थापित करना शामिल है।
छिंदवाड़ा में हिंदुस्तान यूनिलीवर करेगी 800-1,000 करोड़ का विस्तार
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के दक्षिण एशिया में सप्लाई चेन के कार्यकारी निदेशक श्री योगेश मिश्रा के साथ मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा जिले के लहगडुआ स्थित कंपनी संयंत्र के विस्तार पर चर्चा की।
दैनिक उपयोग की उपभोक्ता वस्तुएं बनाने वाली कंपनी की यह इकाई देश के बड़े विनिर्माण संयंत्रों में शामिल है। कंपनी ने सर्फ एक्सेल और व्हील के लिए नई स्प्रे-ड्राइड डिटर्जेंट विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए 800 से 1,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसमें भूमि की लागत शामिल नहीं है।
योजना के तहत वर्ष 2027 से 2030 के बीच चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। प्रस्तावित संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 से 8 लाख टन होगी। इससे करीब 700 प्रत्यक्ष और 1,500 अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
बैठक में शून्य तरल अपशिष्ट निर्वहन पद्धति अपनाने, मध्य प्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 के तहत अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज तथा विस्तार के लिए जरूरी सहयोग पर भी चर्चा हुई।
ग्वालियर में स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की 200 करोड़ की योजना
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रा शेखर के साथ दूरसंचार उपकरण और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
कंपनी ने ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में 200 करोड़ रुपये की एआई-संचालित और निर्यातोन्मुख दूरसंचार उपकरण विनिर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रस्तावित इकाई का 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात के लिए निर्धारित करने की योजना है। इससे लगभग 1,000 रोजगार पैदा होने की संभावना है। कंपनी की योजना में इन रोजगारों में 70 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत दिव्यांगजनों की भागीदारी शामिल है।
ब्लैक स्टोन और वनराज रियल्टी ने दिखाई निवेश में रुचि
ब्लैक स्टोन के प्रबंध निदेशक श्री आलोक जैन और वनराज रियल्टी एलएलपी के श्री राजीव अजमेरा के साथ लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में करीब 500 से 1,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के संदर्भ में विचार-विमर्श किया गया।
सिफी टेक्नोलॉजीज की डेटा सेंटर परियोजनाओं में दिलचस्पी
सिफी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के डेटा सेंटर व्यवसाय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरद अग्रवाल के साथ मध्य प्रदेश में डेटा सेंटर अवसंरचना विकसित करने की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
कंपनी ने प्रदेश में हाइपरस्केल और एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने में रुचि दिखाई। बैठक में डेटा सेंटर क्षेत्र से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की गई।
निर्माण सामग्री और वेल्डिंग क्षेत्र में भी निवेश प्रस्ताव
हेला इन्फ्रा मार्केट लिमिटेड के सह-संस्थापक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं निदेशक श्री सौविक सेनगुप्ता के साथ निर्माण सामग्री क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। कंपनी ने इस क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
डी एंड एच इंडिया लिमिटेड के निदेशक श्री सौरभ वोरा के साथ वेल्डिंग सामग्री और सहायक विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार पर बातचीत हुई। कंपनी ने इंदौर के निकट करीब 25 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 500 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
एवरसोर्स का 3,500 करोड़ रुपये का हरित अधोसंरचना निवेश
एवरसोर्स कैपिटल की कार्यकारी निदेशक सुश्री खुशबू शाहानी के साथ इलेक्ट्रिक बस, संपीड़ित बायोगैस और स्मार्ट मीटर परियोजनाओं सहित हरित अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
समूह का प्रदेश में करीब 3,500 करोड़ रुपये का प्रतिबद्ध निवेश प्रगतिरत है। इससे लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
इस निवेश से जुड़ी प्रमुख परियोजनाएं हैं:
- ग्रीनसेल के माध्यम से पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 682 इलेक्ट्रिक बसों में करीब 2,000 करोड़ रुपये का निवेश।
- एवरएनवायरो के इंदौर और प्रस्तावित भोपाल बायोगैस संयंत्रों से लगभग 350 करोड़ रुपये का निवेश।
स्मार्ट मीटर और अन्य हरित अधोसंरचना परियोजनाएं भी समूह की गतिविधियों का हिस्सा हैं।
मीरा कॉटन का 2,000 करोड़ रुपये का टेक्सटाइल प्रस्ताव
मीरा कॉटन एंड सिंथेटिक मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री जय जयेश शाह और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री जयेश शाह के साथ टेक्सटाइल तथा परिधान क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई।
कंपनी ने मध्य प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इससे लगभग 4,000 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।
सनटेक रियल्टी की जीसीसी, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स में रुचि
सनटेक रियल्टी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री कमल खेतान के साथ रियल एस्टेट और शहरी अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर बातचीत हुई।
कंपनी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्रों में रुचि व्यक्त की।
इंडियन डायमंड सीमेंट का 3,000 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव
इंडियन डायमंड सीमेंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक श्री रुद्र प्रताप त्रिपाठी के साथ सीमेंट और अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई।
कंपनी ने 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
बैठक में पन्ना जिले की गुनौर तहसील में करीब 1,000 एकड़ भूमि के स्वामित्व से जुड़े विषयों और खनिज ब्लॉक पर जल्द कार्रवाई करने के मुद्दे भी शामिल रहे।
धार के पीएम मित्र पार्क में 4 रुपये यूनिट बिजली
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क की सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पार्क में विभिन्न इकाइयों को 4 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने खनिज, वन और ऊर्जा सहित छोटे, मध्यम तथा बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, औद्योगिक भूमि और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
भोपाल से कई बड़े शहरों के लिए सीधी विमान सेवाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भोपाल से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, रायपुर, बेंगलुरु और अन्य शहरों के लिए सीधी विमान सेवाएं उपलब्ध हैं।
मध्य प्रदेश एविएशन पॉलिसी के अंतर्गत सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) प्रदान करती है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश से खाड़ी देशों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू किए जाने का भी उल्लेख किया।
निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं, औद्योगिक भूमि और कुशल मानव संसाधन कंपनियों के लिए अवसर उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए जरूरी अनुमतियां तथा सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इसी दिशा में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ संवाद का अगला महत्वपूर्ण अवसर होगी।
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