
भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नर्मदापुरम जिले के माखननगर (बाबई) और सोहागपुर क्षेत्र के 63 गांवों को अब सिंचाई का पानी मिलेगा। सालों से सूखे की मार झेल रहे इन गांवों का 75 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। सरकार ने इसके लिए दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिन पर कुल 215 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
नदी नहीं, तवा बांध से मिलेगा पानी
इन दोनों परियोजनाओं की खास बात यह है कि इन्हें किसी नई नदी पर नहीं बनाया जाएगा। किसानों को की दायीं तट नहर से लिफ्ट इरीगेशन के जरिए पानी दिया जाएगा।
इस व्यवस्था से करीब 10,200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। अब तक इन गांवों में खेत तो थे, लेकिन पानी नहीं था।
कौन-सी परियोजना, कहां से मिलेगा पानी
परियोजना-1
दायीं तट नहर की बागरा शाखा से पानी
लागत: 86.76 करोड़ रुपए
माखननगर (बाबई) और सोहागपुर के 33 गांव
4,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई
परियोजना-2
दायीं तट नहर की पिपरिया शाखा से पानी
लागत: 128.71 करोड़ रुपए
सोहागपुर तहसील के 30 गांव
6,000 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा
लिफ्ट इरीगेशन से तहसीलों तक पहुंचेगा पानी
तवा परियोजना की दायीं तट नहर की बागरा शाखा से लिफ्ट इरीगेशन के जरिए सुहागपुर और बाबई तहसील को पानी दिया जाएगा। वहीं पिपरिया शाखा से सोहागपुर तहसील के गांवों तक पानी पहुंचेगा। इससे सूखे इलाकों में खेती को नई जिंदगी मिलेगी।
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