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जनकल्याण शिविर: 12 से 18 जून तक सभी जिलों में लगेंगे विशेष कैंप, मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

08 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यह AI जनरेटेड तस्वीर है।

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Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार 12 से 18 जून के बीच प्रदेशभर में विशेष जनकल्याण शिविर आयोजित करने जा रही है। इन शिविरों का उद्देश्य पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी लंबित समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। शिविरों में कलेक्टर से लेकर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे, जिससे लोगों को सीधे प्रशासन तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।


सभी विकासखंड और नगरीय निकायों में लगेंगे शिविर

सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार जनकल्याण शिविर प्रदेश के सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आम नागरिक अपनी समस्याएं, आवेदन और योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर रहेगा।


पात्र हितग्राहियों का होगा पंजीयन और लाभ वितरण

शिविरों में विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र लोगों का पंजीयन किया जाएगा। पात्रता पूरी होने पर स्वीकृति प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरण को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सरकारी सहायता मिल सके।


शौचालय निर्माण से जुड़े आवेदन भी होंगे स्वीकार

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि व्यक्तिगत और पारिवारिक शौचालयों से जुड़े आवेदनों को भी शिविरों में लिया जाए। इन आवेदनों का परीक्षण कर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे स्वच्छता से जुड़े लंबित मामलों के समाधान में भी मदद मिलेगी।


कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूद

शिविरों के लिए ऐसा रोस्टर तैयार किया जाएगा जिसमें कलेक्टर, अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकतम समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके और लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


जिन मामलों का तुरंत समाधान नहीं होगा, उन्हें मिलेगी समय-सीमा

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन आवेदनों या शिकायतों का निराकरण शिविर के दौरान संभव नहीं होगा, उनके लिए निर्धारित समय-सीमा तय कर आवेदक को जानकारी दी जाए। साथ ही ऐसे मामलों की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि आवेदन लंबित न रहें और तय समय में उनका निपटारा हो सके।

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