
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रही एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। रविवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में सिलेंडर के लिए पहले जैसी भीड़ और अफरा-तफरी कम दिखाई दी, हालांकि कई जगह उपभोक्ताओं को अब भी इंतजार करना पड़ रहा है।
भोपाल में सोमवार से कमर्शियल गैस की सप्लाई
भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पिछले लगभग छह दिनों से प्रभावित थी। जिला फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार भौंरी स्थित गैस डिपो से सिलेंडर से भरे ट्रकों की लोडिंग शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सोमवार से शहर में कमर्शियल सिलेंडरों की नियमित सप्लाई शुरू हो जाएगी। रविवार को शहर की कुछ गैस एजेंसियां बंद रहीं, जिसकी वजह स्टॉक खत्म होना बताया गया। आमतौर पर रविवार को डिपो से सिलेंडर लोडिंग नहीं होती, इसलिए कई एजेंसियों के पास गैस उपलब्ध नहीं थी।
एक दिन में हजारों घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी
प्रशासन के मुताबिक शनिवार को भोपाल जिले में करीब 14 हजार घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग हुई थी। इनमें से लगभग 11 हजार सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। रविवार को जिन एजेंसियों के पास स्टॉक था, वहां से डिलीवरी का काम जारी रखा गया और कई घरों में गैस पहुंचाई गई।
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा था बड़ा असर
गैस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा। एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के अनुसार लगभग एक हफ्ते तक कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से पूरे प्रदेश में होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में पहुंच गए थे। अब सप्लाई शुरू होने की खबर से कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
गैस नहीं मिलने पर अपनाए महंगे विकल्प
सिलेंडर की कमी के कारण कई होटल संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक कई रेस्टोरेंट ने इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक ग्रिडल, फ्रायर और इलेक्ट्रिक कुकर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। हालांकि यह व्यवस्था काफी महंगी साबित हो रही थी, इसलिए कई जगहों पर मेन्यू में भी बदलाव करना पड़ा।
छोटे कारोबारियों और रेहड़ी वालों पर भी असर
गैस संकट का असर सिर्फ बड़े कारोबार तक सीमित नहीं रहा। भोपाल के न्यू मार्केट, शाहपुरा और 6 नंबर मार्केट जैसे इलाकों में कई रेहड़ी और ठेला संचालकों को भी काम बंद करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक 30 से ज्यादा रेहड़ियां सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कुछ दिनों तक बंद रहीं। सप्लाई सामान्य होने पर इन छोटे कारोबारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
घरेलू गैस को लेकर अभी भी परेशानी
हालांकि कमर्शियल सिलेंडर की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन घरेलू गैस की डिलीवरी को लेकर कई जगहों पर शिकायतें सामने आ रही हैं। भोपाल के जहांगीराबाद इलाके की निवासी शीबा खान ने बताया कि उन्हें 13 मार्च को सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज मिला था, लेकिन अभी तक गैस घर नहीं पहुंची।
कई जिलों में प्रशासन ने संभाली कमान
कुछ जिलों में प्रशासन सक्रिय होकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है।
ग्वालियर: कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है।
उज्जैन: रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिए गए।
इटारसी: गैस संकट और महंगाई को लेकर युवा कांग्रेस ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर सरकार पर निशाना साधा।
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