
भोपाल। इस बार मध्यप्रदेश की सर्दी लोगों की हड्डियां तक जमा रही है। आमतौर पर दिसंबर के आखिरी हफ्ते में ठंड अपने चरम पर होती है, लेकिन इस बार नवंबर से ही मौसम ने ऐसा रंग दिखाया कि बीते सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। सुबह-सुबह घना कोहरा, बर्फीली हवाएं और रात में गिरता पारा… नए साल की शुरुआत भी कंपकंपी के साथ हुई। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि जनवरी में भी राहत नहीं मिलने वाली, बल्कि सर्दी और तेज हो सकती है।
नवंबर–दिसंबर में गिरे पुराने रिकॉर्ड
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल नवंबर में भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूट गया। इतनी ठंड नवंबर में आखिरी बार करीब आठ दशक पहले दर्ज की गई थी। वहीं, इंदौर में दिसंबर की सर्दी ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतना ही नहीं, दिसंबर में भी कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि कई मौसमी सिस्टम एक साथ एक्टिव होने की वजह से प्रदेश में इस बार असामान्य ठंड देखने को मिल रही है।
कल्याणपुर, नौगांव और खजुराहो सबसे ठंडे शहर
साल की आखिरी रात यानी 31 दिसंबर को भी प्रदेश में जबरदस्त ठंड रही। सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसके अलावा, खजुराहो – 4.2°C, नौगांव – 4.4°C, उमरिया – 5.2°C, रीवा – 5.4°C और पचमढ़ी – 5.6°C। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर 7.2°C, भोपाल 9°C, उज्जैन 9.8°C और जबलपुर 8.2°C दर्ज किया गया। प्रदेश के करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले कल्याणपुर में तापमान 1.7 डिग्री तक पहुंच चुका है।
कोहरे की चादर, जनजीवन बेहाल
नए साल के पहले दिन ग्वालियर-चंबल संभाग से लेकर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र तक घना कोहरा छाया रहा।
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल के साथ-साथ भोपाल, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, मंडला और डिंडौरी जैसे जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रही। दतिया और ग्वालियर में तो हालात ऐसे थे कि दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई। इस वजह से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई ठंड की मार
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार ठंड बढ़ने की सबसे बड़ी वजह जेट स्ट्रीम है। यह जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर ऊपर बहने वाली बेहद तेज हवा की धारा होती है। इस समय इसकी रफ्तार 278 से 285 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के चलते वहां से आने वाली बर्फीली हवाएं जब मध्यप्रदेश तक पहुंचती हैं और उसी दौरान जेट स्ट्रीम भी सक्रिय हो जाती है, तो ठंड कई गुना बढ़ जाती है। इस बार पहाड़ों में लगातार बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी ने प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है।
जनवरी में भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि जनवरी में भी प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। शीतलहर (Cold Wave), कोल्ड डे और सुबह घना कोहरा बने रहने की पूरी संभावना है। कुछ इलाकों में तापमान माइनस के आसपास पहुंचने जैसी स्थिति भी बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन तक जेट स्ट्रीम सक्रिय रहेगी और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ठंडी हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को अलर्ट रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
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