
भोपाल। मध्य प्रदेश में खसरा यानी मीजल्स के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सतना जिले से शुरू हुआ संक्रमण अब पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट बन गया है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने 20 मई से 5 जून तक राज्यव्यापी सर्वे और इसके बाद विशेष टीकाकरण अभियान चलाने का फैसला लिया है। एनएचएम ने सभी जिलों के सीएमएचओ और टीकाकरण अधिकारियों को अलर्ट जारी कर साफ निर्देश दिए हैं कि कोई भी बच्चा टीके से वंचित नहीं रहना चाहिए।
सतना से खुला बड़ा खतरा
प्रदेश में मीजल्स के बढ़ते मामलों का मामला पहली बार 11 मई को सामने आया था। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हलचल बढ़ गई। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 10 जिलों में टीकाकरण लक्ष्य 100 प्रतिशत से ज्यादा पूरा होने के बावजूद बड़ी संख्या में नए खसरा मरीज मिले हैं। यही वजह है कि अब सरकार ने इसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के तौर पर लिया है।
NHM ने जारी किया एक्शन प्लान
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की अपर संचालक दिशा नागवंशी ने बताया कि भारत सरकार ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक का समय मीजल्स संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसलिए सभी जिलों को टीकाकरण कवरेज पूरी तरह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
20 मई से शुरू होगा हेडकाउंट सर्वे
स्वास्थ्य विभाग अब घर-घर जाकर बच्चों की जानकारी जुटाएगा। 20 मई से 5 जून 2026 तक चलने वाले इस “हेडकाउंट सर्वे” में ऐसे बच्चों की पहचान होगी जिन्हें टीका नहीं लगा या जिनका टीकाकरण अधूरा रह गया है। समग्र पोर्टल और अनमोल पोर्टल के डेटा के आधार पर गांव और वार्ड स्तर पर सूची तैयार की जाएगी।
8 जून से चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान
सर्वे के बाद 8 जून से 19 जून 2026 तक विशेष “कैच-अप वैक्सीनेशन अभियान” चलाया जाएगा। इस दौरान सभी छूटे हुए बच्चों को MR वैक्सीन लगाई जाएगी ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। विभाग ने इसे मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी
अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, एएनएम और एमपीडब्ल्यू को जिम्मेदारी दी गई है। टीकाकरण फील्ड मॉनिटर, सुपरवाइजर और एलएचवी सर्वे की निगरानी करेंगे। वहीं जिला स्तर पर डाटा और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी टीकाकरण अधिकारियों और डाटा मैनेजरों को दी गई है।
हर दिन होगी रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग
एनएचएम के निर्देश के मुताबिक, टीकाकरण का पूरा डेटा यू-विन पोर्टल पर लाइव अपडेट किया जाएगा। जिला स्तर पर डीआईओ और डीसीएम सर्वे की निगरानी करेंगे, जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रोजाना समीक्षा करेंगे।
किस स्तर पर किसकी जिम्मेदारी?
जिला स्तर: जिला टीकाकरण अधिकारी
ब्लॉक स्तर: ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
सेक्टर स्तर: सेक्टर मेडिकल ऑफिसर
उप स्वास्थ्य केंद्र: आशा, सीएचओ और एएनएम
ग्राम/वार्ड स्तर: आशा और ऊषा कार्यकर्ता
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