
भोपाल। मध्य प्रदेश में खनिज संपदा को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सरकार अब बंद पड़ी खदानों को फिर से शुरू करने की तैयारी में है, जिससे राजस्व और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
7 बंद खदानों में फिर शुरू होगी खोज
मध्य प्रदेश में फिलहाल 7 बंद खदानों को दोबारा शुरू करने की योजना बनाई गई है। एमपी स्टेट माइनिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन इन खदानों में पहले खनिज भंडार का आकलन करेगा, उसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी।
किन खनिजों पर है फोकस
इन खदानों में मुख्य रूप से बॉक्साइट, मैंगनीज और लाइमस्टोन जैसे अहम खनिज शामिल हैं। ये खनिज न सिर्फ उद्योगों के लिए जरूरी हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान देते हैं।
कैसे होगा एक्सप्लोरेशन?
कॉरपोरेशन इन खदानों में वैज्ञानिक तरीके से जांच करेगा।
- कुल 20 बोरहोल्स किए जाएंगे
- करीब 660 मीटर ड्रिलिंग होगी
- 462 सैंपल इकट्ठा कर जांच के लिए भेजे जाएंगे
इन सैंपल्स से खनिज की क्वालिटी और मात्रा का सटीक आकलन किया जाएगा।
किन जिलों में हैं ये खदानें
रीवा, सतना, कटनी, बालाघाट, दमोह और नीमच जैसे जिलों में ये खदानें स्थित हैं। इनमें से कुछ ब्लॉक्स में पहले खनन हो चुका है, लेकिन अब उनकी लीज खत्म होने या काम बंद होने के कारण दोबारा सर्वे किया जा रहा है।
नीलामी के बाद बढ़ेगा निवेश और रोजगार
जैसे ही खनिज भंडार की पुष्टि होगी, इन खदानों को नीलामी में लाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे निजी निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
देश में सबसे ज्यादा खदान नीलामी वाला राज्य बना एमपी
वर्ष 2025 में देशभर में नीलाम हुए 141 खनिज ब्लॉकों में से 32 ब्लॉक अकेले मध्य प्रदेश में नीलाम हुए थे। यह आंकड़ा दिखाता है कि राज्य खनन सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
उद्योगों को भी मिलेगा बड़ा फायदा
लाइमस्टोन, बॉक्साइट और लौह अयस्क जैसे खनिजों की उपलब्धता बढ़ने से सीमेंट, स्टील और अन्य उद्योगों को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही खनन नियमों में सुधार और नीलामी प्रक्रिया तेज होने से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
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