
भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार सामान्य से लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है। तब तक कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी और शनिवार को 38 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून इस बार क्यों हो रहा है लेट?
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में सामान्य तौर पर मानसून 15 जून तक प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार 20 जून तक इसकी कोई स्पष्ट प्रगति नहीं दिखी। बताया गया है कि मानसून 8 जून से तेलंगाना के आसपास धीमा पड़ गया था। यदि अगले एक-दो दिनों में इसकी रफ्तार बढ़ती है तो 25 जून तक मध्य प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
जून में बारिश का बड़ा घाटा
मानसून की देरी का असर बारिश के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 44% कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के 24 जिलों में हालात ज्यादा खराब हैं, जहां सामान्य से 65% कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसतन 27% कम बारिश हुई है।
55 में से 45 जिलों में बारिश सामान्य से कम
प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। सबसे बेहतर स्थिति भोपाल की रही, जहां सामान्य से 62% अधिक बारिश दर्ज हुई। यहां अब तक लगभग 4 इंच वर्षा हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा करीब ढाई इंच है। वहीं अलीराजपुर ऐसा जिला रहा, जहां अब तक बारिश दर्ज नहीं की गई।
किसानों की बढ़ी चिंता, बोवनी पर असर
मानसून की देरी का सबसे बड़ा असर खरीफ फसलों की तैयारी पर पड़ रहा है। सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर जैसी फसलों की बोवनी कई इलाकों में अटक गई है। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एस.एस. धाकड़ के अनुसार, खेतों में पर्याप्त नमी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी है। इसके बाद ही बोवनी करना किसानों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
पहले बोए बीज खराब होने का खतरा
कई जिलों में समय पर मानसून आने की उम्मीद में किसानों ने पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। अब बारिश नहीं होने से बीज खराब होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में कई किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ सकती है। हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
शुक्रवार को इन जिलों में हुई बारिश
शुक्रवार को राजगढ़, दमोह, रीवा, सतना और मैहर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। इसके बाद दिन के तापमान में भी गिरावट आई। सबसे कम अधिकतम तापमान सिवनी में 34.2°C दर्ज किया गया। इसके बाद धार 34.5°C, पचमढ़ी 34.8°C और शिवपुरी 35.2°C रहा। सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 42.4°C और दतिया में 41.6°C रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर 35.1°C, भोपाल 37.3°C, उज्जैन 36°C, जबलपुर 38.8°C और ग्वालियर 40°C दर्ज किया गया।
आज 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 38 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार और खरगोन में तेज धूप निकल सकती है।
किन जिलों में सबसे कम और सबसे ज्यादा बारिश?
अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश हुई है। जबकि भोपाल, आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, सीहोर, शाजापुर और श्योपुर में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड क्या कहता है?
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य एंट्री 15 जून के आसपास होती है। पिछले 10 वर्षों में सबसे जल्दी मानसून 2021 में 9 जून को पहुंचा था, जबकि सबसे देरी से 2018 में 25 जून को प्रवेश हुआ था। पिछले वर्ष 2025 में मानसून 16 जून को आया था और पूरे प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।थंबनेल: आपने "थंबनेल भी बनाओ" कहा है। यह एक इमेज बनाने का अनुरोध है, इसलिए मैं इसके लिए अलग से इमेज जनरेट कर सकता हूँ। इसमें ऊपर दिया गया टेक्स्ट बड़े, स्पष्ट हिंदी फ़ॉन्ट में होगा और बैकग्राउंड में काले बादल, बारिश, बिजली, किसान और मध्य प्रदेश का मौसम दर्शाया जाएगा, ताकि यह बिल्कुल न्यूज़ चैनल जैसा रियलिस्टिक लगे।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

