
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार और लंबा हो सकता है। अलनीनो के सक्रिय होने से दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब 27 जून के आसपास ही मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
अलनीनो ने क्यों बढ़ाई चिंता?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर में अलनीनो सामान्य से पॉजिटिव स्थिति में पहुंच गया है। समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि मानसून फिलहाल ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा के आसपास ही रुका हुआ है।
27 जून के आसपास MP में दस्तक की उम्मीद
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, मानसून के 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। इसके बाद परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह यानी करीब 27 जून तक मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री हो सकती है। पिछले वर्षों में यह दौर 19 जून तक पूरा हो जाता था।
प्रदेश में 45% कम बारिश दर्ज
मानसून में देरी का असर अब बारिश के आंकड़ों पर भी दिखने लगा है। प्रदेश में प्री-मानसून सीजन के दौरान अब तक 45% कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर पड़ा है, जहां 45% कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 27% कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
इंदौर में झमाझम बारिश से बदला मौसम
शनिवार दोपहर इंदौर में तेज बारिश हुई, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि दिन में धूप और उमस ने लोगों को परेशान भी किया। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.1°C और न्यूनतम तापमान 24.5°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में शहर में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
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