मंगलवार, 09 जून 2026
Logo
Madhaya Pradesh

MP Monsoon 2026: 15-18 जून के बीच होगी मानसून की एंट्री, पहले आंधी-बारिश और लू का डबल अलर्ट

09 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Monsoon 2026: 15-18 जून के बीच होगी मानसून की एंट्री, पहले आंधी-बारिश और लू का डबल अलर्ट
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 15 से 18 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज रहेंगी और कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।


इन जिलों से हो सकती है मानसून की एंट्री

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून इंदौर और जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बैतूल, बड़वानी, खरगोन या बुरहानपुर जिले के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।


20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल समेत करीब 20 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।


5 जिलों में लू का भी खतरा

प्री-मानसून गतिविधियों के बीच गर्मी का असर भी बना रहेगा। 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी दी गई है। यानी प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बारिश दोनों का असर एक साथ देखने को मिलेगा।


कई जिलों में 42 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

बारिश के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 42°C से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.5°C तक पहुंचा। छिंदवाड़ा 42.1°C, खजुराहो 42°C, जबकि ग्वालियर 41.6°C, जबलपुर 40°C, भोपाल 38.7°C और इंदौर 38.6°C दर्ज किया गया।


तीनों मौसम का दिखेगा असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिन मध्यप्रदेश में गर्मी, आंधी-बारिश और बढ़ती नमी एक साथ देखने को मिलेगी। महाकौशल और पूर्वी मध्यप्रदेश में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि मालवा-निमाड़ में हल्की बारिश और उमस बढ़ने के आसार हैं।


तापमान में मिलेगी राहत, किसानों के लिए अहम समय

बारिश वाले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि खरीफ फसलों की तैयारी का समय शुरू हो गया है, लेकिन बुवाई से पहले अच्छी और स्थायी बारिश का इंतजार करना किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।


क्यों बदल रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में प्री-मानसून सिस्टम, उत्तर-पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है। वहीं 11 जून के आसपास पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है, जिससे मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें