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एमपी में मानसून की दस्तक से पहले अधूरे निर्माण कार्य, भोपाल से ग्वालियर तक बढ़ी चिंता

24 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी में मानसून की दस्तक से पहले अधूरे निर्माण कार्य, भोपाल से ग्वालियर तक बढ़ी चिंता
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक करीब है, लेकिन कई बड़े शहरों में विकास कार्य अभी भी अधूरे हैं। सड़कों की खुदाई, निर्माणाधीन परियोजनाएं और जल निकासी की चुनौतियां लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में कई स्थान ऐसे हैं जहां बारिश शुरू होते ही जाम, जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। पिछले वर्षों की समस्याएं इस बार भी लोगों को परेशान कर सकती हैं।


भोपाल: मेट्रो और सड़क परियोजनाओं से बढ़ सकती हैं दिक्कतें

राजधानी में ऑरेंज लाइन के दूसरे रूट पर सुभाषनगर से करोंद के बीच करीब 10 किलोमीटर हिस्से में काम जारी है। भोपाल स्टेशन, सिंधी कॉलोनी, करोंद, आरिफ नगर और पुराने शहर के कई हिस्सों में मेट्रो के पिलर खड़े होने से सड़कें संकरी हो गई हैं। ट्रैफिक अव्यवस्था और जाम को लेकर विधायक आतिफ अकील भी नाराजगी जता चुके हैं, लेकिन हालात में खास बदलाव नहीं आया है। बारिश के दौरान इन इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका है।


ब्लू लाइन कॉरिडोर पर भी असर

भदभदा से रत्नागिरी तक प्रस्तावित ब्लू लाइन कॉरिडोर के कई हिस्सों में सड़क की चौड़ाई कम हो चुकी है। न्यू मार्केट से भदभदा और रायसेन रोड पर रोजाना शाम को लंबा जाम लगता है। इसका असर करोंद, मालीखेड़ी, विदिशा रोड और अयोध्या बायपास की ओर जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।


अयोध्या बायपास पर बड़े पैमाने पर निर्माण

836 करोड़ रुपए की लागत से अयोध्या बायपास को दस लेन बनाने का काम चल रहा है। रत्नागिरि से आसाराम तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे हिस्से में निर्माण जारी है। यहां 8 से अधिक ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं। कई जगह रास्ते बदले गए हैं और रात में रोशनी की कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।


उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के बीच मानसून की चुनौती

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शहर में लगभग 13 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य जारी हैं। सड़क चौड़ीकरण, टनल, ब्रिज, एलिवेटेड कॉरिडोर, रोप-वे, शॉपिंग मॉल, पार्किंग, महाकाल मंदिर विस्तार और मेडिसिटी जैसी परियोजनाओं के कारण कई स्थान निर्माणाधीन हैं। बारिश के दौरान इन जगहों पर जोखिम बढ़ सकता है।


हाल ही में हुई बच्चे की मौत

पिछले सप्ताह रेलवे स्टेशन के पास रोप-वे निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था। इस गड्ढे में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई। शहर के कई निर्माणाधीन स्थल मानसून में ब्लैक स्पॉट बन सकते हैं।


जलभराव और दुर्घटना का खतरा

कोयला फाटक से तेलीवाड़ा चौराहा, गेल इंडिया-नीलगंगा चौराहा, टैगोर चौराहा-दो तालाब, राजस्व कॉलोनी मार्ग, नानाखेड़ा-शांति पैलेस, बिजासन माता मंदिर-देवास रोड और गाड़ी अड्डा चौराहा से रणकेश्वर महादेव मंदिर तक कई जगह निर्माण कार्य जारी हैं। इन इलाकों में खुले गड्ढे और अधूरी सड़कें लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। रीगल टॉकीज क्षेत्र के निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में भी जलभराव की आशंका जताई जा रही है।


निगम आयुक्त ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश

निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र ने बारिश को देखते हुए सभी जोनल अधिकारियों, उपयंत्रियों और सहायक यंत्रियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव, मलबा हटाने और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।


इंदौर: एलिवेटेड ब्रिज और खुदी सड़कों से परेशानी

देवास नाका से विजय नगर चौराहे तक एलिवेटेड ब्रिज निर्माण कार्य चल रहा है। बारिश के दौरान यहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बीआरटीएस रोड पर प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने अक्सर पानी भर जाता है। एमआईजी थाना क्षेत्र और नेहरू नगर रोड नंबर-2 पर भी जलभराव की स्थिति बनती है।


कई इलाकों में बढ़ सकती है मुश्किल

लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल से जंजीरवाला चौराहे के पहले तक सड़क निर्माण के कारण खुदाई की गई है। हुकुमचंद घंटाघर, मूसाखेड़ी रिंग रोड चौराहा, खजराना चौराहा से रोबोट चौराहा और द्वारकापुरी क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान लोगों को जाम और जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। द्वारकापुरी के राम मंदिर वाली गली में पिछले वर्ष तेज बारिश के दौरान वाहन बहने की घटना भी सामने आई थी।


ग्वालियर: चोक नाले बढ़ा रहे चिंता

ग्वालियर में मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। करीब 10 बड़े नाले चोक बताए जा रहे हैं। अतिक्रमण की वजह से स्वर्णरेखा और मुरार नदी कई स्थानों पर संकरी हो गई हैं। हाल ही में हुई आधे घंटे की बारिश में मुरार, रेलवे स्टेशन, हजीरा, थाटीपुर, सिटी सेंटर और लश्कर क्षेत्र में जलभराव देखने को मिला था।


संवेदनशील इलाकों पर नजर

बारादरी, सदर बाजार, सुरेश नगर, जीवाजी नगर, गोविंदपुरी, पटेल नगर, फालका बाजार और जिंसी नाला क्षेत्र को अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने सड़कें उखड़ने, यातायात प्रभावित होने और जलजनित बीमारियों के खतरे की आशंका जताई है।


इंदौर में जा चुकी है युवक की जान

करीब चार महीने पहले द्वारकापुरी क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही से एक युवक की मौत हो गई थी। वीआईपी परस्पर रोड पर नर्मदा पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में बाइक सवार 33 वर्षीय राकेश यादव गिर गए थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

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