
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में 17 से 18 जून के बीच पहुंच सकता है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगले 10 से 15 दिनों में पूरा प्रदेश मानसून की बारिश से तर हो जाएगा।
मानसून से पहले तेज होगी प्री-मानसून एक्टिविटी
मानसून आने से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि की संभावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज गरज और बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह समेत कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में अभी भी रहेगी भीषण गर्मी
मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन के लिए फिलहाल आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में इन जिलों में शुक्रवार को भी गर्मी का असर बना रह सकता है और तापमान ऊंचा रहने की संभावना है।
गुरुवार को कहां कितनी हुई बारिश?
गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। ग्वालियर में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि मंडला, सिवनी और दतिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। इसके बावजूद कई शहरों में गर्मी का असर बना रहा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन शहरों में सबसे ज्यादा दर्ज हुआ तापमान
प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42°C दर्ज किया गया। इसके बाद जबलपुर 41.3°C, भोपाल 39.7°C, उज्जैन 39.7°C और इंदौर 38°C रहा। वहीं, खजुराहो और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 43°C रिकॉर्ड किया गया। दमोह 42.8°C, सतना 42.7°C, रीवा 42.5°C, दतिया 42.2°C और टीकमगढ़ व मंडला 42°C तक पहुंचे।
एक दिन के ब्रेक के बाद फिर आगे बढ़ा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को एक दिन के ठहराव के बाद कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून तेजी से मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा और 17-18 जून तक प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
इन मौसम प्रणालियों से बदल रहा है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से से टर्फ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा ऊपरी हवा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक अन्य ट्रफ सिस्टम भी सक्रिय है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
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