
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा पर अटकी वापसी रेखा अब श्योपुर, मुरैना और नीमच के सीमावर्ती हिस्सों तक पहुंच चुकी है और अगले 1 से 2 दिन में इसके प्रदेश में आगे बढ़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुमान के मुताबिक 5 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे मध्य प्रदेश से विदा हो सकता है। इस बार 1 जून से 30 सितंबर के बीच प्रदेश में 908.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी से करीब 4% कम है।
ग्वालियर-उज्जैन से शुरू होगी मानसून की वापसी
मौसम विभाग के अनुसार परिस्थितियां मानसून की वापसी के अनुकूल बन रही हैं। इसके चलते सबसे पहले ग्वालियर और उज्जैन संभाग से मानसून पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू होने का अनुमान है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर मानसून की वापसी रेखा कई दिनों से आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब इसके प्रदेश में प्रवेश करने के संकेत मिल रहे हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश
मानसून के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य आंकड़े से ऊपर रही।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 1083.8 मिमी बारिश
- सामान्य बारिश: 1043.4 मिमी
- सामान्य से करीब 4% अधिक
विंध्य और बुंदेलखंड के जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी हिस्से में बारिश का बड़ा घाटा
पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहा। यहां सामान्य 877.3 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 773.6 मिमी पानी गिरा।
इस क्षेत्र में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 12% कम रहा। मालवा-निमाड़ और मध्य नर्मदा घाटी के कई जिलों में बारिश की कमी ने सूखे जैसे हालात बनाए।
मऊगंज में सबसे ज्यादा, आलीराजपुर सबसे पीछे
जिलेवार आंकड़ों में मऊगंज में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां 1506 मिमी पानी गिरा, जो सामान्य से 54% ज्यादा है।
प्रतिशत के आधार पर निवाड़ी सबसे आगे रहा, जहां सामान्य से 59% अधिक बारिश दर्ज हुई।
इसके विपरीत आलीराजपुर में स्थिति सबसे कमजोर रही। जिले में केवल 426 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 51% कम है।
इन जिलों में भी 30 से 40% तक बारिश की कमी दर्ज की गई:
- धार
- झाबुआ
- रतलाम
- नर्मदापुरम
- हरदा
- बैतूल
अक्टूबर में कम बारिश, दिन गर्म और रातें ठंडी
मौसम विज्ञान केंद्र ने अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। अक्टूबर से दिसंबर तक के मानसून-पश्चात दौर में भी राज्य में कम वर्षा के संकेत दिए गए हैं।
तापमान की बात करें तो अक्टूबर में दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। रात में पारा 19 से 20 डिग्री तक पहुंच सकता है।
इस मौसम बदलाव के चलते दिन में गर्मी और उमस महसूस होगी, जबकि रात के समय हल्की ठंड यानी गुलाबी ठंड का असर दिखाई देने लगेगा।
मानसून सीजन का संक्षिप्त आंकड़ा
1 जून से 30 सितंबर तक मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी बारिश दर्ज हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिमी है। इस तरह पूरे प्रदेश में मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 4% कम रही।
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