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MP Monsoon Update: 22-24 जून तक टली मानसून की एंट्री, 37% कम बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता

18 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Monsoon Update: 22-24 जून तक टली मानसून की एंट्री, 37% कम बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अब प्रदेश में मानसून की एंट्री 22 से 24 जून के बीच होने की संभावना है। इस देरी का असर खेती-किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है और कई जिलों के किसान बोवनी को लेकर चिंता में हैं।


मानसून आखिर क्यों हो रहा है लेट?

मौसम केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून से पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और अभी तक मुंबई भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में पहले इसके महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश होगा। यही वजह है कि प्रदेश में मानसून की दस्तक लगातार टल रही है।


जून में सामान्य से 37% कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 से 17 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य तौर पर 41.6 मिमी (करीब 1.6 इंच) बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक सिर्फ करीब 1 इंच वर्षा दर्ज की गई है। यानी इस सीजन में अब तक 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे खेती पर असर पड़ने लगा है।


किसानों की चिंता बढ़ी, बोवनी पर संकट

मानसून में देरी और प्री-मानसून की कमजोर बारिश के कारण किसान सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर जैसी खरीफ फसलों की समय पर बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एस.एस. धाकड़ के अनुसार, सफल बोवनी के लिए खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी है और इसके लिए कम से कम 4 इंच बारिश होना आवश्यक माना जाता है।


पहले बोए बीज खराब होने का खतरा

प्रदेश के कई इलाकों में मानसून समय पर आने की उम्मीद में किसानों ने पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। अब बारिश नहीं होने से इन बीजों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ सकती है। हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।


इन जिलों में सबसे कम बारिश

आलीराजपुर ऐसा जिला है जहां अब तक बारिश का रिकॉर्ड शून्य है। वहीं बालाघाट, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन में 12.5 मिमी (आधा इंच) से भी कम बारिश दर्ज की गई है।


भोपाल बना सबसे आगे

प्रदेश में भोपाल अकेला ऐसा जिला रहा जहां औसत 91.9 मिमी (साढ़े तीन इंच से ज्यादा) बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा आगर-मालवा, बुरहानपुर, देवास, गुना, हरदा, इंदौर, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, डिंडौरी, सतना और सीधी में 1 से ढाई इंच तक बारिश हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह भी बोवनी के लिए पर्याप्त नहीं है।


बुधवार को इन जिलों में हुई बारिश

बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। भोपाल और राजगढ़ में आधा इंच से अधिक बारिश हुई, जबकि बैतूल, गुना, इंदौर और छिंदवाड़ा में भी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के बाद कई जिलों के तापमान में गिरावट आई और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो गया।


कई शहरों में तापमान गिरा

बारिश के असर से बैतूल का अधिकतम तापमान एक ही दिन में करीब 10 डिग्री गिरकर 26.5°C पर पहुंच गया। वहीं भोपाल 34.8°C, इंदौर 37.2°C, उज्जैन 39°C, जबलपुर 39.3°C और ग्वालियर 39.8°C दर्ज किया गया।


आज कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं 28 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल समेत कई जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है।


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