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मध्य प्रदेश में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 5 अक्टूबर को 9 जिलों में बारिश का अनुमान, जानें मौसम का हाल

02 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 5 अक्टूबर को 9 जिलों में बारिश का अनुमान, जानें मौसम का हाल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक दौर 30 सितंबर को खत्म हो चुका है, लेकिन प्रदेश के किसी भी जिले से अभी इसकी विदाई नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 10 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह प्रदेश से बाहर हो सकता है।


अगले 3 दिन प्रदेश में मुख्य रूप से धूप और गर्मी का असर रहेगा, जबकि 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के कई जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार अक्टूबर में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रह सकती हैं।


ग्वालियर-चंबल से शुरू हो सकती है मानसून की वापसी

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से होकर गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह फिलहाल ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है।


इसी क्षेत्र से प्रदेश में मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से भी मानसून विदा हो सकता है।


5 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश के आसार

प्रदेश में अगले तीन दिन धूप रहने का अनुमान है। इसके बाद 5 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम बदल सकता है।


हल्की बारिश की संभावना वाले जिले:

पन्ना

सतना

रीवा

मऊगंज

मैहर

सीधी

सिंगरौली

शहडोल

अनूपपुर


मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुक्रवार-शनिवार से शुरू होने की संभावना है।


अक्टूबर में दिन गर्म, रात में ठंडक

अक्टूबर मध्य प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना रहता है। मानसून पीछे हटने के साथ आसमान साफ होने लगता है, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात के तापमान में गिरावट का असर दिखाई देता है।


मौसम विभाग के मुताबिक इस बार भी प्रदेश में अक्टूबर के दौरान यही स्थिति रहने का अनुमान है। अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है।


इस बार 4% कम हुई मानसून की बारिश

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 1.5 इंच कम बारिश हुई है। कुल बारिश के लिहाज से यह 4% की कमी है।


पूर्वी हिस्से में ज्यादा, पश्चिम में कम बारिश

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत से 4% ज्यादा पानी बरसा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा इसी श्रेणी में रहा। दूसरी तरफ पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम बारिश दर्ज हुई है। कई जिलों में यह कमी काफी अधिक रही।


9 जिलों में 5 से 21% तक बारिश कम

बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले 5% से 21% तक कम बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी 9% से 51% तक रही।


25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

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