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नक्सल प्रभावित 100 गांवों की बदलेगी तस्वीर, 332 करोड़ से सड़क-स्कूल-अस्पताल—MP सरकार का बड़ा विकास प्लान

07 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नक्सल प्रभावित 100 गांवों की बदलेगी तस्वीर, 332 करोड़ से सड़क-स्कूल-अस्पताल—MP सरकार का बड़ा विकास प्लान
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। कभी लाल आतंक से जूझने वाले मध्यप्रदेश के गांव अब विकास की राह पर तेजी से बढ़ने वाले हैं। सरकार ने 100 ऐसे गांवों के लिए बड़ा बदलाव प्लान तैयार किया है।


नक्सल छाया से विकास की रोशनी तक

बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के वे गांव, जहां कभी विकास की पहुंच नहीं थी, अब सरकार के फोकस में हैं। इन इलाकों को पहले हार्डकोर नक्सल प्रभावित माना जाता था। लेकिन अब राज्य ने समय से पहले नक्सल मुक्त होने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यही वजह है कि अब इन गांवों की तस्वीर बदलने के लिए ठोस योजना लागू की जा रही है—जो आगे बड़ा बदलाव ला सकती है।


332 करोड़ का मास्टर प्लान, हर सुविधा पर फोकस

सरकार ने पहले चरण में ₹332 करोड़ खर्च करने का खाका तैयार किया है। इसमें सड़क, नाली, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर काम होगा। यह योजना सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों को पूरी तरह मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश है—ताकि लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।


सड़कों पर सबसे बड़ा निवेश, 200 करोड़ खर्च

इस योजना में सबसे ज्यादा फोकस सड़कों पर है। करीब ₹200 करोड़ सिर्फ सड़क निर्माण के लिए रखे गए हैं। करीब 150 किमी लंबी सड़कों को चिन्हित किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल नहीं हो पाई थीं। ये सड़कें दो या उससे ज्यादा गांवों को जोड़ेंगी—यानी कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।


बिजली, शिक्षा और रोजगार पर भी जोर

- विकास योजना में अन्य जरूरी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।

- ₹13-14 करोड़ से करीब 70 गांवों में बिजली व्यवस्था सुधारी जाएगी

- ₹8 करोड़ से 2 नए ITI खोले जाएंगे

- ₹14 करोड़ से स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत होगी


इन कदमों से न सिर्फ शिक्षा मजबूत होगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे—जो इस बदलाव की नींव बनेगा।


स्वास्थ्य और कृषि सेक्टर को भी मिलेगा बढ़ावा

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ₹2 करोड़ से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपकरण और मरम्मत कार्य होंगे। वहीं कृषि, मछलीपालन और बागवानी के लिए करीब ₹2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है—जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।


पुलिस और प्रशासन ने मिलकर तैयार किया प्लान

इस पूरे विकास खाके को प्रशासन और पुलिस ने मिलकर तैयार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस योजना को केंद्र सरकार तक भी पहुंचा चुके हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि इस योजना को बड़े स्तर पर समर्थन मिल सकता है—और यही इसे खास बनाता है।


अब बदलेगी गांवों की असली तस्वीर

इन 100 गांवों के लिए यह योजना सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। जहां कभी डर और पिछड़ापन था, वहां अब सड़क, शिक्षा और रोजगार का रास्ता खुलेगा। आने वाले समय में यह पहल नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए एक मॉडल बन सकती है—और यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।

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