रविवार, 26 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

MP News : फर्जी डोमिसाइल पर मेडिकल सीट लेने वाले दो डॉक्टर जेल गए

31 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP News : फर्जी डोमिसाइल पर मेडिकल सीट लेने वाले दो डॉक्टर जेल गए

MP News : फर्जी डोमिसाइल पर मेडिकल सीट लेने वाले दो डॉक्टर जेल गए

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल से आई इन दो बड़ी खबरों ने साफ कर दिया है कि अब फर्जी दस्तावेज़ों से मेडिकल सीट हथियाने वालों की खैर नहीं। पिछले तीन दिनों में अदालत ने दो डॉक्टरों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। दोनों ने खुद को मध्यप्रदेश का मूल निवासी बताकर राज्य कोटे में दाख़िला लिया था, जबकि असल में वे उत्तर प्रदेश के निवासी निकले। कोर्ट ने इसे सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि योग्य छात्रों का हक छीनने वाला गंभीर अपराध बताया।


डॉ. सीताराम शर्मा को 30 जनवरी को सजा

भोपाल की 23वीं अपर सत्र न्यायालय ने 30 जनवरी 2026 को डॉ. सीताराम शर्मा को फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के जरिए मेडिकल सीट लेने का दोषी माना।

 अदालत ने धारा 420, 467 और 468 में 3-3 साल और धारा 471 में 2 साल की सश्रम कैद सुनाई। हर धारा में ₹500 जुर्माना भी लगाया गया।

शासन की ओर से एसटीएफ के विशेष लोक अभियोजक और ने पक्ष रखा।


यूपी का निवासी, एमपी का डोमिसाइल

जांच में सामने आया कि सीताराम शर्मा ने यूपी बोर्ड से पढ़ाई की थी, फिर भी मुरैना जिले की अंबाह तहसील से फर्जी डोमिसाइल बनवाकर पीएमटी के बाद मेडिकल कॉलेज में दाख़िला ले लिया। रिकॉर्ड में यह प्रमाण पत्र मिला ही नहीं। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद चार्जशीट दाखिल हुई। सजा से पहले वह भिंड जिले के शासकीय अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी था।


कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

अदालत ने कहा—“एक सरकारी डॉक्टर द्वारा किया गया यह कृत्य बेहद गंभीर है। फर्जी दस्तावेज़ों से सीट लेना किसी योग्य छात्र से उसका हक छीनना है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा ज़रूरी है।”


तीन दिन पहले भी सख्त फैसला

27 जनवरी 2026 को इसी अदालत ने डॉ. सुनील सोनकर को भी फर्जी डोमिसाइल पर मेडिकल सीट लेने का दोषी ठहराया था। 2010 में पीएमटी पास करने के बाद उसने में सरकारी सीट ली थी। शिकायत और तक पहुँची। जांच में वह भी यूपी का निवासी निकला।


15 साल बाद मिला इंसाफ

डॉ. सुनील सोनकर को धारा 420, 467, 468, 471 में अधिकतम 3 साल की सश्रम कैद और जुर्माने की सजा मिली। विशेष लोक अभियोजक आकिल खान ने कहा—“ऐसे फर्जीवाड़े से सिस्टम पर भरोसा टूटता है। इन फैसलों से साफ संदेश गया है कि कानून सबके लिए बराबर है।”

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें