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MP निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव: महापौर और अध्यक्ष प्रत्याशियों की जमानत राशि बढ़ाने की तैयारी, नियमों में होगा संशोधन

09 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव: महापौर और अध्यक्ष प्रत्याशियों की जमानत राशि बढ़ाने की तैयारी, नियमों में होगा संशोधन
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। चुनाव लड़ना अब पहले से महंगा हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों की सिक्योरिटी डिपॉजिट बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है—जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।


महापौर और अध्यक्ष के लिए नई जमानत राशि प्रस्तावित

मध्यप्रदेश में प्रस्ताव के अनुसार अब चुनाव लड़ने के लिए ज्यादा राशि जमा करनी होगी।

- महापौर (नगर निगम): ₹20,000 → ₹32,000

- नगर पालिका अध्यक्ष: ₹15,000 → ₹24,000


यह बढ़ोतरी सीधे उन उम्मीदवारों को प्रभावित करेगी जो सीमित संसाधनों के साथ चुनाव मैदान में उतरते हैं—और यही इस फैसले की बड़ी चर्चा का कारण बन रही है।


1 लाख प्रत्याशी, 413 निकाय—बड़ा चुनावी मैदान

प्रदेश में इस बार करीब 1 लाख उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने की संभावना है।


चुनाव होंगे:

16 नगर निगम

99 नगर पालिका

298 नगर परिषद


कुल 413 नगरीय निकाय और 7679 वार्ड—यानी यह चुनाव राज्य के शहरी राजनीतिक भविष्य को तय करेगा।


सीधे जनता चुनेगी महापौर और पार्षद

नगर निगमों में महापौर और पार्षदों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। मतलब साफ है—वोटर सीधे अपने प्रतिनिधि चुनेंगे, जिससे चुनाव में मुकाबला और भी दिलचस्प और कड़ा हो सकता है।


6% वोट नहीं मिले तो जमानत जब्त

चुनाव में एक अहम नियम भी लागू रहेगा अगर किसी उम्मीदवार को कुल वैध वोटों का 6% से कम मिलता है तो उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त हो जाएगी। वहीं, तय सीमा से ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवारों को उनकी जमा राशि वापस मिल जाएगी—इस नियम से कमजोर प्रत्याशियों पर सीधा असर पड़ता है।


महंगाई से जुड़ सकती है जमानत राशि

इस बार एक बड़ा बदलाव यह भी प्रस्तावित है कि सिक्योरिटी डिपॉजिट को मूल्य सूचकांक (Inflation Index) से जोड़ा जाए। इसका मतलब—भविष्य में महंगाई बढ़ने पर जमानत राशि अपने आप बढ़ सकेगी, बार-बार नियम बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि मौजूदा जमानत राशि 2014 से लागू है, जिसे अब अपडेट करने की तैयारी हो रही है।


नियमों में बदलाव के बाद ही लागू होगा फैसला

इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम-26 में संशोधन किया जाएगा। नगरीय निकाय एवं आवास विभाग की मंजूरी के बाद ही नई दरें लागू होंगी—यानी अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर होना बाकी है।

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