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मध्यप्रदेश में नर्सिंग एडमिशन नियम बदले, अब सिर्फ BSc Nursing के लिए होगी परीक्षा

18 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश में नर्सिंग एडमिशन नियम बदले, अब सिर्फ BSc Nursing के लिए होगी परीक्षा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब प्रदेश में सिर्फ BSc Nursing में प्रवेश के लिए परीक्षा होगी, जबकि MSc Nursing और Post Basic BSc Nursing में एडमिशन मेरिट के आधार पर दिए जाएंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में नया गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।


हजारों स्टूडेंट्स को मिलेगी राहत

नई व्यवस्था को नर्सिंग स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। दरअसल, पिछले कई सालों से मध्यप्रदेश में नर्सिंग कोर्स विवादों में रहे हैं। नर्सिंग घोटाले, कॉलेजों की मान्यता खत्म होने और परीक्षाओं में देरी जैसी समस्याओं से छात्र लगातार परेशान थे। ऐसे में सरकार ने प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला लिया है।


अब सिर्फ BSc Nursing के लिए एग्जाम

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब केवल BSc Nursing में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी। वहीं MSc Nursing और Post Basic BSc Nursing कोर्स में विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। पहले सभी नर्सिंग कोर्सों के लिए एंट्रेंस एग्जाम अनिवार्य था।


2026-27 सत्र से लागू होंगे नए नियम

अधिकारियों ने बताया कि नई प्रवेश व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। BSc Nursing प्रवेश परीक्षा का जिम्मा इस बार भी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को सौंपा गया है। विभाग का कहना है कि इससे एडमिशन प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।


नीट काउंसलिंग जैसा होगा पूरा सिस्टम

सरकार ने नर्सिंग एडमिशन प्रक्रिया को अब NEET Counseling Pattern पर तैयार किया है। इसके तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, मेरिट लिस्ट और सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के जरिए कॉलेज आवंटित किए जाएंगे।


चार राउंड में होंगे एडमिशन

नई व्यवस्था के तहत एडमिशन प्रक्रिया में कुल चार राउंड रखे गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा सीटें भरी जा सकें और छात्रों को बार-बार परेशान न होना पड़े। यदि सभी राउंड के बाद भी सीटें खाली रहती हैं तो कॉलेज विभाग की अनुमति से कॉलेज लेवल पर एडमिशन दे सकेंगे।


कॉलेजों को जारी करना होगा काउंसलिंग कैलेंडर

अब सभी नर्सिंग कॉलेजों के लिए काउंसलिंग कैलेंडर जारी करना अनिवार्य होगा। कॉलेजों को रजिस्ट्रेशन, मेरिट सूची और प्रवेश की तारीखें सार्वजनिक करनी होंगी। साथ ही एडमिशन में मेरिट और आरक्षण रोस्टर का पालन करना भी जरूरी रहेगा।


नर्सिंग घोटाले के बाद बड़ा कदम

माना जा रहा है कि नर्सिंग घोटाले और लगातार विवादों के बाद सरकार ने यह बड़ा बदलाव किया है। पिछले कुछ वर्षों में कई नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता खत्म हुई थी, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। नई व्यवस्था से अब छात्रों को ज्यादा पारदर्शी और आसान प्रवेश प्रक्रिया मिलने की उम्मीद है।

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