शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के निर्णय के बाद सरकार का अगला कदम क्या होगा? CM मोहन यादव ने बताया

10 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के निर्णय के बाद सरकार का अगला कदम क्या होगा? CM मोहन यादव ने बताया
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 27% आरक्षण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि न्यायालय के निर्णय का विधिक परीक्षण कराने के बाद सरकार अगला कदम तय करेगी।


मुख्यमंत्री के अनुसार, अदालत ने वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुई नियुक्तियों से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इनमें 13% अतिरिक्त नियुक्तियों को सुरक्षित रखने और आगामी भर्तियों में समायोजित करने के साथ कुछ पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का निर्देश भी शामिल है।


OBC आरक्षण मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार हाईकोर्ट के निर्णय का कानूनी परीक्षण कराएगी। इसके बाद फैसले के अनुरूप आगामी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला सरकारी नौकरियों में OBC वर्ग को 27% आरक्षण देने से संबंधित है। अदालत ने वर्ष 2019-22 के दौरान की गई नियुक्तियों के संबंध में निर्णय दिया है।


13% पदों को लेकर अदालत ने क्या निर्देश दिए?

मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, हाईकोर्ट ने 13% अतिरिक्त नियुक्तियों को संरक्षित रखते हुए उन्हें आगामी भर्ती प्रक्रिया में समायोजित करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 के बाद से फैसले की तारीख तक हुई भर्तियों में रोके गए 13% पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश भी दिया गया है।


27% आरक्षण के अध्यादेश पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल

डॉ. मोहन यादव ने तत्कालीन सरकार की ओर से OBC आरक्षण के लिए लाए गए अध्यादेश पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि अध्यादेश जल्दबाजी में लाया गया था और इसे लागू करने से पहले राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से सलाह नहीं ली गई थी। मुख्यमंत्री ने अदालत के निर्णय के संदर्भ में कहा कि इससे तत्कालीन सरकार की ओर से 27% आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया और मंशा पर सवाल खड़े हुए हैं।


आरक्षण के नोटिफिकेशन को बताया त्रुटिपूर्ण

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से लागू किए गए 27% आरक्षण का नोटिफिकेशन कमजोरियों और त्रुटियों से प्रभावित था। राज्य सरकार अब न्यायालय के फैसले का विधिक परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। मामले में अगला कदम अदालत के निर्देशों और कानूनी समीक्षा के आधार पर उठाया जाएगा।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें