
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण से जुड़े मामले में सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर OBC महासभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी।
राज्य सरकार का कहना है कि OBC वर्ग के हितों की रक्षा और आरक्षण के मामले में न्यायसंगत समाधान के लिए कानूनी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उच्च न्यायालय के फैसले का बिंदुवार अध्ययन कर सर्वोच्च न्यायालय में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई विशेष अनुमति याचिका
मुख्यमंत्री के अनुसार, मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय ने सर्वोच्च न्यायालय में State of M.P. versus Ashita Dubey and Others मामले में एसएलपी दायर की है।
विशेष अनुमति याचिका के जरिए राज्य सरकार इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष ले गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में याचिका की संख्या, दाखिल करने की सटीक तारीख और अगली सुनवाई का विवरण नहीं दिया गया है।
OBC आरक्षण पर सरकार ने क्या कहा?
OBC आरक्षण के मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि इस विषय का समाधान न्यायसंगत और तार्किक आधार पर निकाला जाए।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, आरक्षण को लेकर सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है। इस मामले में उचित समाधान निकालने के उद्देश्य से कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट के फैसले का बिंदुवार अध्ययन करने के निर्देश
राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के फैसले का विस्तृत अध्ययन कर सर्वोच्च न्यायालय के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का परीक्षण किया जाए।
सरकार का पक्ष सर्वोच्च न्यायालय में मजबूती से प्रस्तुत करने के लिए महाधिवक्ता कार्यालय को आवश्यक कानूनी तैयारी करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी दी गई है।
OBC महासभा के प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री की मुलाकात
शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर OBC महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. मोहन यादव से भेंट की। इस दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण और उससे जुड़े कानूनी मामले पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों की संख्या और उनकी ओर से रखी गई अलग-अलग मांगों का विवरण उपलब्ध इनपुट में नहीं है।
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