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अब धान बेचने की नहीं रहेगी चिंता! सरकार ने किया बड़ा फैसला, जानिए किसानों को कैसे मिलेगा फायदा

02 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
अब धान बेचने की नहीं रहेगी चिंता! सरकार ने किया बड़ा फैसला, जानिए किसानों को कैसे मिलेगा फायदा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने पहली बार धान की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है। इस निर्णय से प्रदेश के करीब 6.5 लाख धान उत्पादक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।


नई व्यवस्था के तहत किसान अपनी उपज बाजार में बेच सकेंगे और एमएसपी (MSP) तथा बाजार मूल्य के बीच जितना अंतर होगा, उसकी भरपाई राज्य सरकार करेगी। इससे किसानों को बेहतर विकल्प मिलने के साथ सरकारी खरीदी व्यवस्था पर भी दबाव कम होने की संभावना है।


धान पर पहली बार मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

अब तक प्रदेश में धान की खरीदी मुख्य रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाती थी। सरकार ने पहली बार धान को भावांतर योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे पहले प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है।


इस साल बढ़ सकती है धान की खरीदी

पिछले वर्ष राज्य सरकार ने करीब 51 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की थी। सरकार का अनुमान है कि भावांतर व्यवस्था लागू होने के बाद इस वर्ष धान की बिक्री और खरीदी का दायरा पहले से अधिक बढ़ सकता है।


नई व्यवस्था से क्या होगा फायदा?

सरकार का मानना है कि नई प्रणाली लागू होने से कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी। इनमें शामिल हैं—

हेंडलिंग की प्रक्रिया में कमी

बारदाना खरीद की जरूरत घटेगी

सरकारी खरीदी से जुड़ी व्यवस्थाओं का बोझ कम होगा


शिकायतों में कमी आने का दावा

सरकारी व्यवस्था में वेयरहाउसों में घटिया धान पहुंचने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। सरकार का कहना है कि भावांतर व्यवस्था लागू होने से ऐसी शिकायतों और खरीदी संबंधी विवादों में कमी आएगी।


किसान अपनी पसंद के बाजार में बेच सकेंगे फसल

नई व्यवस्था के तहत किसान किसी भी उपयुक्त बाजार में अपनी धान बेच सकेंगे। यदि बाजार मूल्य MSP से कम रहता है तो दोनों कीमतों के बीच का अंतर राज्य सरकार किसानों को उपलब्ध कराएगी।


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