
भोपाल। मध्य प्रदेश में पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इन अदालतों में मामलों का 3 महीने के भीतर निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, अतिथि शिक्षकों और पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह के योगदान पर भी अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा से जुड़े हर विषय पर आवश्यक निर्णय लेकर आगे बढ़ रही है।
गोविंद नारायण सिंह को किया नमन
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि गोविंद नारायण सिंह अपनी सादगी और निष्पक्षता के लिए जाने जाते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पेपर लीक मामलों के लिए बने 4 विशेष न्यायालय
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं।
मुख्य बातें:
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में फास्ट ट्रैक कोर्ट
3 महीने के भीतर मामलों के निपटारे का लक्ष्य
पेपर लीक मामलों में कार्रवाई जारी
पीएम के निर्णय पर अमल का किया दावा
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्णय को लागू करने वाला पहला राज्य मध्य प्रदेश बना है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्रवाई लगातार जारी है और भविष्य में परीक्षाएं पहले से अधिक बेहतर तरीके से आयोजित कराई जाएंगी।
मेडिकल शिक्षा को लेकर भी रखा पक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी हुई है। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर क्या बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों से जुड़े मामलों को सरकार संवेदनशीलता के साथ सुलझा रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक फैसले लिए जा रहे हैं और शिक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में सरकार लगातार काम कर रही है। साथ ही स्पष्ट किया कि सरकार किसी पर एहसान नहीं कर रही, बल्कि जरूरी निर्णय लेकर व्यवस्था को मजबूत बना रही है।
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