
भोपाल। मध्यप्रदेश को देश का ग्लोबल फार्मा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हेलियन ग्रुप ने भारत की अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पीथमपुर में स्थापित करने का फैसला किया है। इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार दोनों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
₹2000 करोड़ का निवेश, 1000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री के मुताबिक इस परियोजना पर करीब ₹2000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यूनिट शुरू होने के बाद लगभग 1000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे आसपास के क्षेत्रों में भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
भारत ही नहीं, कई देशों में होगा निर्यात
पीथमपुर में बनने वाले उत्पाद केवल भारत की जरूरतें ही पूरी नहीं करेंगे, बल्कि एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के कई देशों में भी निर्यात किए जाएंगे। इससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
CM मोहन यादव बोले- निवेशकों का मध्यप्रदेश में स्वागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया में 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग-अनुकूल नीतियों और बेहतर निवेश माहौल के कारण देश-विदेश की कंपनियां मध्यप्रदेश पर भरोसा जता रही हैं।
उद्योग लगाने से उत्पादन तक सरकार देगी पूरा सहयोग
डॉ. मोहन यादव ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन शुरू होने तक हर स्तर पर सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
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