मंगलवार, 03 नवंबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

मध्यप्रदेश पुलिस के सामने अब तीन बड़ी चुनौतियां, जानिए CM मोहन यादव ने नए DSP को किस मिशन पर लगाया?

03 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश पुलिस के सामने अब तीन बड़ी चुनौतियां, जानिए CM मोहन यादव ने नए DSP को किस मिशन पर लगाया?
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी में 44वें और 45वें बैच के 48 उप पुलिस अधीक्षकों ने प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस सेवा में कदम रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीक्षांत समारोह में पुलिस को वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य दिया। भोपाल के भौंरी परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में मुख्यमंत्री ने नवप्रशिक्षित अधिकारियों की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस विभाग में नई भर्तियों, पदोन्नति और प्रशिक्षण संस्थान में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों की घोषणाएं भी कीं।


2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के सामने डकैतों, नक्सलवाद और ड्रग्स के रूप में तीन बड़ी चुनौतियां हैं। नए अधिकारियों को इन चुनौतियों से पूरी दृढ़ता के साथ निपटना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नवप्रशिक्षित अधिकारियों के लिए पासिंग आउट परेड केवल ट्रेनिंग पूरी होने का अवसर नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और जनसेवा की बड़ी जिम्मेदारी संभालने की शुरुआत है।


चंबल से रीवा तक पुलिस ने खत्म किया डकैतों का आतंक

पुलिस विभाग के इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चंबल और रीवा अंचल में डकैतों की चुनौती का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और उनका सफाया किया। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को भी पुलिस की कार्यक्षमता का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और केंद्र सरकार की निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद उन्मूलन में मध्यप्रदेश पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


पौने तीन साल में 17,710 पदों पर हुई भर्ती

पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने और विभागीय समस्याओं के समाधान को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने भर्ती और पदोन्नति के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि पिछले पौने तीन वर्षों में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं। इसके अलावा करीब 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़े स्तर पर पदोन्नति दी गई है। नक्सल प्रभावित इलाकों में साहस दिखाने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है।


पुलिस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 12 करोड़ का ऑडिटोरियम बनेगा

दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

- पुलिस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 33 KV का सब स्टेशन बनाया जाएगा।

- संस्थान तक पहुंचने के लिए 1 किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड का निर्माण होगा।

- 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाया जाएगा।


इन घोषणाओं के साथ मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण और सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की।


पुलिस परिवार के लिए सरकार की संवेदनशीलता का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी पुलिसकर्मी के वीरगति प्राप्त करने पर सरकार उसके परिवार के साथ संवेदनशीलता से खड़ी रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार खिलाड़ियों को नौकरी देने का प्रावधान कर रही है। पुलिस विभाग में नए युवाओं को अवसर देना, योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति देना और हर जवान का भरोसा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।


माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कानून-व्यवस्था पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी भी तरह के माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। इसमें शामिल व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नवप्रशिक्षित अधिकारियों से कहा कि परेड की दोनों विधाओं में उनके अनुशासन, उत्साह, गंभीरता और तालमेल की झलक दिखाई दी है। यही भावना उन्हें अपनी पूरी सेवा के दौरान बनाए रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को सर्वोपरि रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस को सौंपी गई जिम्मेदारी तभी सार्थक होगी, जब उसका काम नागरिकों की सुरक्षा और जनसेवा का उदाहरण बने।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें