
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में बैंड कांस्टेबल के पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अभ्यर्थियों को सामान्य पुलिस भर्ती की तरह 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक परीक्षाएं नहीं देनी होंगी।
राज्य सरकार ने सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना के लिए 932 पदों को मंजूरी दी है। इनमें इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के पद शामिल हैं। सबसे अधिक 642 पद कांस्टेबल के हैं। रिक्तियों को मिलाकर फिलहाल 679 आरक्षक पदों पर भर्ती की जा रही है।
40 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने किया आवेदन
इन पदों के लिए 5 से 19 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। भर्ती में 40 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। आवेदन पत्रों की जांच के बाद 24 जून से भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में स्किल टेस्ट और बैंड वादन परीक्षा शुरू हो चुकी है।
तीन चरणों में पूरी होगी भर्ती
भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी।
- पहला चरण: स्किल टेस्ट
- दूसरा चरण: बैंड वादन परीक्षा
- तीसरा चरण: इंटरव्यू
उम्मीदवार को पुलिस बैंड में इस्तेमाल होने वाले 18 संगीत वाद्य यंत्रों में से कम से कम एक बजाना आना जरूरी है।
मेरिट कैसे बनेगी?
चयन के लिए अंक इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं—
- बैंड वादन परीक्षा – 60 अंक
- अतिरिक्त योग्यता – 15 अंक
- इंटरव्यू – 25 अंक
मेरिट सूची के आधार पर उपलब्ध पदों की संख्या से तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
फिजिकल टेस्ट नहीं, लेकिन ये शर्तें जरूरी
भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस भर्ती में फिजिकल टेस्ट नहीं होगा, लेकिन उम्मीदवारों को सामान्य पुलिस भर्ती के समान निर्धारित ऊंचाई और सीने (चेस्ट) का मापदंड पूरा करना होगा। चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा।
नियुक्ति के बाद मिलेगी छह महीने की ट्रेनिंग
गृह विभाग ने पदों की मंजूरी देते समय यह शर्त रखी थी कि पुलिस बैंड में नियुक्त कर्मचारी जरूरत पड़ने पर सामान्य पुलिसिंग की जिम्मेदारियां भी निभाएंगे।
एसएएफ के एडीजी चंचल शेखर के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2019 के जीओपी के तहत की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति के बाद सामान्य आरक्षकों की तरह छह महीने की फिजिकल ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे पुलिस के अन्य दायित्व भी संभाल सकें।
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