
भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार 60 घंटे से हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के लिए 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि भोपाल में 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा गिरने से एक युवक घायल हो गया।
प्रदेश में सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर थमने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के चलते कई जिलों में कम समय में तेज वर्षा दर्ज की जा रही है।
तीन मौसम प्रणालियां बनीं लगातार बारिश की वजह
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय हैं। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार इन तीनों सिस्टम के कारण समुद्री नमी लगातार प्रदेश तक पहुंच रही है, जिससे कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला बना हुआ है।
इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए चेतावनी जारी की है।
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट):
आलीराजपुर
धार
बड़वानी
खरगोन
भारी बारिश की चेतावनी:
नीमच
रतलाम
उज्जैन
इंदौर
सीहोर
सिवनी
मंडला
बालाघाट
उमरिया
रीवा
मऊगंज
सीधी
सिंगरौली
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुककर तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
रायसेन में गांवों का संपर्क टूटा
रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई मार्ग जलमग्न होने से आवागमन रुक गया। स्कूल बसें भी कई गांवों तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रायसेन शहर में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
जिला मुख्यालय रायसेन में लगातार बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित रही। दशहरा मैदान स्थित जिला शिक्षा कार्यालय, सांदीपनि स्कूल, तहसील कार्यालय के पीछे स्थित पंजीयन कार्यालय तथा डीपीसी कार्यालय के आसपास जलभराव होने से अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।
भोपाल में जर्जर मकान का हिस्सा गिरा
लगातार बारिश के बीच भोपाल में 90 साल पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा गिर गया। इस हादसे में एक युवक घायल हो गया।
बारिश के बीच अकेला निकला दूल्हा
इंदौर में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे गंगवाल से राजमोहल्ला के लिए निकली बारात तेज बारिश की वजह से चर्चा का विषय बन गई। बारिश के कारण अधिकांश बाराती वाहनों या सुरक्षित स्थानों पर रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ आगे बढ़ता रहा। इस दृश्य को राहगीरों ने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड भी किया।
प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में सुधार
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 12.1 इंच (307.9 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है। सामान्य स्थिति में इस समय तक 13.7 इंच (347.7 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। सोमवार तक सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज थी, जो बुधवार तक घटकर 11% रह गई।
41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी को छोड़कर सभी जिलों में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है।
कम बारिश वाले जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं।
रीवा के ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी पुल
रीवा जिले की ग्राम पंचायत रौली में नदी पर पक्का पुल नहीं होने से ग्रामीणों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्षों से पुल निर्माण की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने श्रमदान कर लकड़ी, बांस और रस्सियों की मदद से अस्थायी पुल तैयार किया है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और अन्य ग्रामीण नदी पार कर रहे हैं। बरसात के दौरान यह पुल और अधिक जोखिमभरा हो जाता है।
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