
भोपाल। मध्यप्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रही है। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट के लिए भाजपा में कई नामों पर चर्चा है, लेकिन पार्टी ने अब तक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन के साथ मध्यप्रदेश के कई नेताओं के नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं। चुनाव में विधानसभा के 229 विधायकों की संख्या महत्वपूर्ण होगी, जबकि बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति को लेकर भी सवाल बने हुए हैं।
आज जारी होगी उपचुनाव की अधिसूचना
राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू होगा। इस चुनाव के जरिए मध्यप्रदेश से राज्यसभा में रिक्त हुई सीट पर नए सदस्य का चयन किया जाएगा।
यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वे अप्रैल 2024 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था।
वनथी श्रीनिवासन समेत कई नाम चर्चा में
भाजपा की ओर से उम्मीदवार का नाम अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। संभावित दावेदारों में तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी शामिल है।
मध्यप्रदेश के नेताओं में इन नामों को लेकर चर्चा हो रही है:
- पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया
- प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी
- राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल
- पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया
- प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ
- पूर्व मंत्री रंजना बघेल
राजनीतिक हलकों में इस सीट पर मध्यप्रदेश से बाहर के किसी नेता को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
229 विधायकों के आधार पर बनेगा चुनावी समीकरण
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, लेकिन कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इस कारण चुनावी गणना के लिए 229 विधायकों की संख्या को आधार बनाया जा रहा है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए आवश्यक मतों का कोटा निर्धारित चुनावी नियमों के अनुसार तय होगा। दोनों प्रमुख दलों की प्रभावी संख्या और मतदान की स्थिति इस चुनाव में महत्वपूर्ण रहेगी।
निर्मला सप्रे के वोट पर भी रहेगी नजर
बीना से विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। वे खुद को कांग्रेस का सदस्य बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी उनकी मौजूदगी देखी गई है।
उनसे जुड़ा दलबदल का मामला भी उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता का कारण है। उनकी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दोनों दलों के संभावित प्रभावी मतों का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
एल. मुरुगन का राज्यसभा तक का सफर
एल. मुरुगन पहली बार सितंबर 2021 में तमिलनाडु से राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद 3 अप्रैल 2024 को वे मध्यप्रदेश से उच्च सदन के सदस्य बने।
उनका निर्धारित कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था। अक्टूबर 2026 में इस्तीफा देने के बाद मध्यप्रदेश की यह सीट रिक्त हो गई और अब इसे उपचुनाव के जरिए भरा जाएगा।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा में कितनी सीटें?
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। मुरुगन के इस्तीफे से पहले भाजपा के सात और कांग्रेस के तीन सांसद प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
एक सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव कराया जा रहा है। नए सदस्य के चयन के बाद मध्यप्रदेश से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व फिर से 11 सदस्यों का हो जाएगा।
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