
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने भी मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतार दिया है। संख्या बल के हिसाब से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही हैं, लेकिन असली चर्चा अब क्रॉस वोटिंग के खतरे को लेकर शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारों में सवाल यह है कि क्या भाजपा कोई ऐसा दांव चल सकती है, जिससे कांग्रेस की तय मानी जा रही सीट भी संकट में पड़ जाए?
भाजपा ने किन चेहरों पर जताया भरोसा?
भाजपा ने संगठन में लंबे समय से सक्रिय प्रदेश महामंत्री रजनीश अग्रवाल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को उम्मीदवार बनाया है। रजनीश अग्रवाल को संगठन का मजबूत रणनीतिकार माना जाता है, जबकि पंजाब से आने वाले तरुण चुग को मध्य प्रदेश के जरिए राज्यसभा भेजने का फैसला राष्ट्रीय स्तर की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर लगाया दांव
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। दरअसल, कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है और उन्होंने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे दोबारा राज्यसभा नहीं जाएंगे। ऐसे में पार्टी ने नया चेहरा आगे किया है।
कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर क्यों?
230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 65 विधायक हैं। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस के तीन विधायक मतदान नहीं कर पाएंगे। ऐसे में प्रभावी संख्या घटकर 62 रह जाती है। एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कांग्रेस को लगभग 58 वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि यदि कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो कांग्रेस की स्थिति मुश्किल में आ सकती है।
क्या भाजपा उतार सकती है तीसरा उम्मीदवार?
फिलहाल भाजपा ने केवल दो उम्मीदवार घोषित किए हैं, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में सबसे बड़ा सवाल तीसरे उम्मीदवार को लेकर है। यदि भाजपा अचानक तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारती है तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस पर अतिरिक्त दबाव बनेगा और क्रॉस वोटिंग की आशंका भी बढ़ जाएगी।
कांग्रेस अपना सकती है रिसॉर्ट पॉलिटिक्स
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि मतदान से पहले किसी तरह की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग की स्थिति बने। इसी कारण सभी विधायकों को एक साथ रखने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
प्लान-बी पर भी काम कर रही कांग्रेस
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी किसी भी अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम के लिए तैयार रहना चाहती है। यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है या चुनावी समीकरण बदलते हैं तो कांग्रेस भी वैकल्पिक रणनीति अपनाने पर विचार कर सकती है। पार्टी नेतृत्व ने संभावित विकल्पों पर चर्चा शुरू कर दी है।
कौन-कौन सी सीटें हो रही हैं खाली?
21 जून को भाजपा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसी दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कार्यकाल भी खत्म होगा। इन तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है।
मध्य प्रदेश से वर्तमान में कौन हैं राज्यसभा सांसद?
मध्य प्रदेश से फिलहाल भाजपा के कई सांसद राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिनमें कविता पाटीदार, सुमित्रा वाल्मीक, बालयोगी उमेशनाथ, एल. मुरुगन, बंशीलाल गुर्जर और माया नारोलिया शामिल हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से विवेक तन्खा और अशोक सिंह राज्यसभा में हैं। अब सबकी नजर 18 जून के चुनाव और भाजपा के अगले कदम पर टिकी हुई है, क्योंकि यही तय करेगा कि चुनाव केवल औपचारिक रहेगा या फिर राजनीतिक रोमांच देखने को मिलेगा।
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