
भोपाल। राजधानी भोपाल में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के दोनों राज्यसभा उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल आज शनिवार को नामांकन दाखिल करेंगे। इससे पहले पार्टी ने संगठन स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इधर कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर उठे विरोध के बीच भाजपा ने अपना आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान चर्चा का केंद्र बन गया है।
नामांकन के लिए BJP ने बनाई खास रणनीति
भाजपा ने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन की पूरी कागजी प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है। जानकारी के अनुसार दोनों प्रत्याशी शनिवार सुबह पार्टी मुख्यालय से विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल करेंगे। इसके लिए पार्टी ने सभी भाजपा विधायकों को सुबह 8 बजे प्रदेश कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए हैं। नामांकन को शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
80 विधायक बने प्रस्तावक
भाजपा ने दोनों उम्मीदवारों के लिए नामांकन फॉर्म के 4-4 सेट तैयार कराए हैं। प्रत्येक सेट में 10 विधायकों को प्रस्तावक बनाया गया है। इस तरह कुल 8 सेटों में 80 विधायक प्रस्तावक के रूप में शामिल किए गए हैं। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की एकजुटता दिखाने की रणनीति मान रहे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा
इंदौर में भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी यदि तीसरा उम्मीदवार भी उतार दे तो भाजपा उसे भी जीताने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिन नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, वे लंबे समय से संगठन के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम करते रहे हैं। विजयवर्गीय के मुताबिक दोनों सीटों पर भाजपा की जीत तय है।
कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर विवाद
दूसरी ओर कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन पार्टी के भीतर ही उनके नाम को लेकर असहमति सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार कई वरिष्ठ नेता इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। यही वजह है कि उम्मीदवार चयन के बाद कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्या बढ़ सकता है क्रॉस वोटिंग का खतरा?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराजगी चुनाव के दौरान असर डाल सकती है। पार्टी में चल रही खींचतान को देखते हुए क्रॉस वोटिंग की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। भाजपा इसी संभावित असंतोष को अपने पक्ष में माहौल बनाने का अवसर मान रही है। अब सभी की नजर नामांकन के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों और मतदान के दिन पर टिकी है।
BJP बनाम कांग्रेस: चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
राज्यसभा चुनाव भले ही अप्रत्यक्ष हो, लेकिन इस बार मध्य प्रदेश में इसकी राजनीतिक अहमियत काफी बढ़ गई है। एक ओर भाजपा अपनी ताकत और संगठनात्मक एकजुटता दिखाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को अपने भीतर की असहमति संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
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